मप्र सरकार के बजट में भी निराश्रितों के लिए झुनझुना-अनूप जौहरी

Feb 19 2026

ग्वालियर। शहर जिला कांग्रेस विकलांग कल्याण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनूप जौहरी ने मप्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मप्र सरकार के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा 2026-27 के बजट में विकलांग, वृद्ध, विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों के लिए एक झुनझुना भी नहीं निकाल सकें। जिससे इन असहाय निराश्रितों में मध्यप्रदेश सरकार के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।
जौहरी ने सरकार की इस अमानवीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि मप्र सरकार किसी मुगालते में न रहे ऊपर बाले के यहां देर हे अंधेर नहीं उसकी जब लाठी चलती हे तो आबाज नहीं होती। सत्ता के नशे में चूर सरकारों को कब यही निराश्रित सत्ता से उतार फेकेंगे,पता भी नहीं चलेगा। मप्र सरकार के लिए कितने शर्म की बात हे। जिन राज्यों में वीजेपी की सरकारें है। उनमें 2026-27 के पेश बजट में विकलांग वृद्ध विधवा एवं परित्यागता निराश्रितों की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन एक हजार से छै हजार रुपए तक की वृद्धि की है।
इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि प्रदेश के वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा अपने बजट पिटारे से एक भी जुझना नहीं निकाल पाए इन असहाय निराश्रितों के लिए, आज 25 वर्ष से अधिक समय मध्यप्रदेश की सत्ता पर काबिज होने के बाद भी इस 25 वर्ष के इतिहास में एक भी बजट में इन निराश्रितों को हर माह दी जाने बाली मात्र छै सौ रुपए दी जाने वाली निराश्रित पेंशन में वृद्धि नहीं कर सकी। इस तरह इन निराश्रितों के साथ मध्यप्रदेश सरकार इन असहाय निराश्रितों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। ओर सक्षम लाडली बहिनों को अपने वोट बैंक की खातिर हर माह 1500 रुपए आर्थिक सहायता के रुप में उनके खातों में हर माह भेज रही हे। ओर इन जरुरत मंद असहाय निराश्रितों के खातों में हर महीने के आखिर मे काट छांट के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन भेज रही हे यह सौतेला व्यवहार नहीं तो क्या है।