ग्वालियर साहित्य संस्थान का नवगीत दिवस समारोह हुआ सम्पन्न

Feb 06 2026

ग्वालियर। ग्वालियर साहित्य संस्थान एवं लोकमंगल पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में गत दिवस पड़ाव ग्वालियर स्थित आइकॉम मीडिया सभागार में एक अभिनय आयोजन किया गया, जिसमें नवगीतकार बृजेश चंद्र श्रीवास्तव का सम्मान एवं काव्य परिचर्चा व काव्य संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार एवं समाजसेवी डॉक्टर केशव पांडेय ने की, मुख्य अतिथि डॉक्टर बृजेश शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ राजरानी शर्मा सहित साहित्यकार डॉक्टर श्रद्धा सक्सेना मंचाचीन रहीं।
कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ भगवान स्वरूप चैतन्य ने किया जिसमें नवगीतों के सृजन के संदर्भ में उन्होंने विस्तृत सारगर्वित उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवियत्री कादंबरी आर्य ने किया।
कार्यक्रम में श्रद्धा सक्सेना ने नवगीतों के प्रभाव, लालित्य और भाव संप्रेषण पर अपनी बात कहते हुए गीतों का मूल स्वरूप प्रकट किया। उन्होंने कहा नवगीत कोमल भावों का वह प्रवाह है जो श्रोता के अंतस् में अद्भुत रूप से प्रभाव डालता है। डॉ राज रानी शर्मा ने गीतों पर कहा नवगीत मन के सौंदर्य को पढऩे एवं एहसास करने में माधुर्य का अद्भुत सृजन है मन को झंकृत करता है एवं लालित्य का हमारे अंतस् में एहसास कराता है।
अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर केशव पांडेय ने नवगीतों पर विशेष जोर देते हुए ग्वालियर को गीतों का सृजनधर्मी शहर बताया एवं अपने संघर्ष की स्थिति को आज की वर्तमान परिस्थितियों में सुखद अनुभूति करते हुए सबको प्रेरित किया।
 इसके पश्चात् काव्य एवं गीतों का क्रम चला जिसमें राम अवतार रास, प्रदीप कुमार पुष्पेंद्र, डॉ ललित मोहन त्रिवेदी एवं बृजेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा नवगीत सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। इसी के साथ भी उनको नवगीतकार राष्ट्रीय नवगीतकार के रूप में शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र आदि से सम्मानित किया गया। इसी के साथ डॉक्टर बृजेश शर्मा का शॉल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र से सम्मानित कियागया। पुस्तक लेखिका डॉक्टर श्रद्धा सक्सेना की पुस्तक का लोकार्पण किया गया।
 इस अवसर पर डॉ. महेश कटारे, डॉ सुरेश सम्राट, मध्य भारतीय हिन्दी साहित्य सभा से कवि रामचरण रुचिर, दिलीप मिश्रा, राजेश अवस्थी लावा, रोशन मनीष, डॉ लाल, डॉ अमित शर्मा महासमर सहित अनेक साहित्यकार एवं गनमंजन उपस्थित रहे।