ऊर्जा मंत्री की जनसुनवाई में आए 15941 आवेदन में से 12399 का हुआ त्वरित निराकरण

Jan 24 2026

ग्वालियर। र्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का न केवल अलग अंदाज है, बल्कि काम करने का तरीका भी अन्य सियासी क्षत्रपों से जुदा है। उनके दिन की शुरुआत ही जनता के बीच होती है और देर रात तक यह सिलसिला चलता रहता है। खुद को जनता का सेवक कहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कहने मात्र के लिए नहीं हकीकत में जन के सेवक हैं। वह जहां जाते हैं, लोग उनके पास एक उम्मीद लेकर पहुंचते हैं कि उनकी शिकायत और समस्या का निदान कहीं हो न हो प्रद्युम्न सिंह तोमर के पास जरूर होगा।
वैसे तो उनके दरवाजे हर वक्त हर वक्त ग्वालियर-15 विधान सभाई इलाके के वाशिन्दों के लिए खुले रहते हैं, लेकिन लोगों की शिकायत और समस्याओं का तत्काल निपटारा हो इसके लिए उन्होंने रेसकोर्स रोड स्थित अपने 38 नम्बर आवास पर सप्ताह के हर शनिवार को जनसुनवाई के जरिए नियमित समस्याओं को न केवल सुनते हैं, वरन उनका मौके पर ही निराकरण कर हर शिकायतकर्ता को पूर्ण रुप से संतुष्ट कर ही अपने आवास से विदा करते हैं।
जनता की शिकायतों को सुनना और इन शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को भेजना और इन शिकायतों का निपटारा हो रहा है या नहीं इसकी मॉनिटरिंग करना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। लोगों को उन पर भरोसा है, यही कारण है कि एक समस्या का निराकरण होता है, तब तक चार और समस्याएं उनकी टेबल तक पहुंच जाती हैं।
फिलहाल साल 2025 में उनकी जनसुनवाई में आए 15 हजार 941 शिकायतों और समस्याओं के आवेदनों में से 12 हजार 399 का निराकरण हो चुका है। यह वह समस्याएं हैं, जिनसे लोगों को हर रोज रोज दो-चार होना पड़ता है। दरअसल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का काम करने का अपना एक अलग तरीका है, वह नहीं चाहते कि उनके विधान सभा क्षेत्र का कोई वाशिन्दा सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए। यही वजह है कि क्षेत्र की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के लिए लोग सीधे मंत्री जी के रेसकोर्स रोड स्थित 38 नम्बर कार्यालय पर अप्रोच करते हैं।
आमतौर पर यह शिकायतें बहुत छोटी-छोटी होती हैं। मसलन इन 15 हजार 941 समस्याओं में नव निर्माण, रिपेयर निर्माण, पानी, नल कनेक्शन, नई पाइप लाइन, पानी लाईन चालू करने, अन्य पानी समस्या, बोरिंग, सफाई, सीवर लाइन, सीवर सफाई, नई स्ट्रीट लाइट, स्ट्रीट लाइट रिपेयर, हाई मास्क नवीन, हाई मास्क रिपेयर, हैण्डपम्प तथा स्थानांतरण आदि से सम्बन्धित शिकायतें शामिल हैं। जिनके समाधान की जिम्मेदारी सरकारी विभागों की है, लेकिन यह वाशिन्दें अपने इस जनसेवक के पास सिर्फ और सिर्फ इस लिए लेकर आते हैं कि उन्हें अपने जनसेवक पर पूरा भरोसा है। यही शिकायत अगर सीधे मंत्री जी तक पहुंचती है, तो शिकायत का समाधान होना तय है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल 3542 ऐसे आवेदन लंबित हैं, जिनका समाधान राज्य सरकार के स्तर से होना है। अत: ऐसे सभी आवेदनों को निराकरण के लिए भोपाल स्थित संबंधित विभागों को कार्यवाही हेतु लिखा गया है। यह ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह सिंह तोमर की नागरिकों के प्रति जवाबदेही की लागत बानगी भर है। इससे पता चलता है कि आम लोगों के प्रति वह कितने संवेदनशील हैं। अक्सर उन पर यह आरोप लगाए जाते हैं कि वह मंत्री होकर उन कामों को भी करते हैं, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। कुछ हद तक यह बात सही हो सकती है, लेकिन सच्चाई यह है कि यही सुशासन है। लोग समस्या मुक्त रहें, खुशहाल रहे, यह सरकार की जिम्मेदारी है। अगर इस जिम्मेदारी को निभाने में ऊर्जा मंत्री खुद पहल करते हैं, तो इसमें बुराई क्या है। वह मध्य प्रदेश शासन के मंत्री हैं और इस नाते वह सरकार की भी जिम्मेदारी पूरी कर रहे हैं। मुख्य बात यह है कि आम नागरिक को सहूलियत मिले। यह सहूलियत किसी विभागीय कर्मचारियों के जरिए मिले या फिर मंत्री स्तर पर। लोगों की दु:ख तकलीफें दूर हो रही हैं। यही सरकार की मंशा और मकसद है।