एचडीएफसी बैंक सोशल इम्पैक्ट स्टार्टअप्स को देगा 20 करोड़ रुपये, परिवर्तन स्टार्टअप ग्रांट्स के 9वें एडिशन में

Jan 21 2026

ग्वालियर। एचडीएफसी बैंक ने अपने फ्लैगशिप प्रोग्राम परिवर्तन स्टार्टअप ग्रांट्स प्रोग्राम के वित्तीय वर्ष 2026 (एफवाय-26) एडिशन को लॉन्च करने की घोषणा की है। यह प्रोग्राम सोशल इम्पैक्ट-आधारित इनोवेशन को सपोर्ट करता है और पिछले सालों की सीख के आधार पर क्लाइमेट इनोवेशन, एग्रीकल्चर और सस्टेनेबल आजीविका, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई  इनोवेशन, फाइनेंशियल इन्क्लूजन और जेंडर डाइवर्सिटी और इन्क्लूजन सहित प्रायोरिटी वाले सेक्टर्स में 10 स्ट्रेटेजिक पहलों को सपोर्ट करेगा, साथ ही एआई और डीप टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों को भी शामिल करेगा।
एचडीएफसी बैंक परिवर्तन वित्त वर्ष (एफवाय) 26 में नॉन-डाइल्यूटिव ग्रांट्स के ज़रिए 20 करोड़ रुपये देगा जो आमतौर पर पायलट, वैलिडेशन और शुरुआती स्टेज के स्केल-अप को सक्षम बनाएगा।
एफआई-26 एडिशन प्रोग्राम के 10-साल के मील पत्थर की ओर लगातार प्रगति को भी दिखाता है साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े इनक्यूबेटर्स के साथ पार्टनरशिप का विस्तार भी करता है।
परिवर्तन स्टार्टअप ग्रांट्स प्रोग्राम एक इनक्यूबेटर-आधारित, पोर्टफोलियो-आधारित मॉडल को फॉलो करता है, जिसके तहत पार्टनर इनक्यूबेटर प्रोग्राम डिज़ाइन, स्टार्टअप आउटरीच, मूल्यांकन, मेंटरिंग, मॉनिटरिंग और इम्पैक्ट रिपोर्टिंग का नेतृत्व करते हैं।
इस घोषणा पर एचडीएफसी बैंक के कैजाद भरूचा ने कहा परिवर्तन स्टार्ट-अप ग्रांट्स इंडस्ट्री में एक बेंचमार्क के रूप में उभरा है जो साफ तौर पर पहचानी गई सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने वाले इनोवेशन को सपोर्ट करने के लिए संस्थानों के साथ मिलकर काम करता है। वित्त वर्ष (एफवाय)-26 में प्रवेश कर रहे हैं, फोकस सेक्टर की भागीदारी को और गहरा करने, इकोसिस्टम को मजबूत करने और स्टार्ट-अप को लगातार और व्यवस्थित सपोर्ट पाने में सक्षम बनाने के लिए संस्थागत क्षमता बनाने पर है।
अरूप रक्षित ने आगे कहा, यह प्रोग्राम हमारे इस विचार को दिखाता है कि शुरुआती दौर के सोशल इम्पैक्ट इनोवेशन को मजबूत संस्थागत सपोर्ट से फायदा होता है जो मेंटरशिप, नेटवर्क और व्यवस्थित सपोर्ट दे सकता है। वित्त वर्ष (एफवाय) -26 एडिशन इसी अप्रोच पर आधारित है, जिसमें क्लाइमेट एक्शन, फाइनेंशियल इन्क्लूजन, डीप टेक्नोलॉजी और आजीविका केंद्रित सेक्टरों में भारत के कुछ प्रमुख इनक्यूबेटर्स के साथ पार्टनरशिप की गई है, साथ ही सभी क्षेत्रों में भागीदारी का विस्तार जारी है।