जिला स्तरीय ओलंपियाड परीक्षा हुई संपन्न, बच्चों का तिलक व माला पहनाकर किया स्वागत

Jan 17 2026

भितरवार। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल एवं जिला शिक्षा केंद्र ग्वालियर के निर्देशों के क्रम में जनपद शिक्षा केंद्र भितरवार के तत्वाधान में जिला स्तरीय ओलंपियाड परीक्षा 2025-26 का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 16 एवं 17 जनवरी को क्रमश: 3  व 4 पालियों में किया गया। इस दौरान 16 जनवरी को प्राथमिक स्तर पर आयोजित परीक्षा में हिंदी अंग्रेजी गणित के 132 बच्चों में से 106 बच्चे उपस्थित रहे। तो वही माध्यमिक स्तर पर हिंदी अंग्रेजी और संस्कृत के कुल 198 विद्यार्थियों में से 177 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इसी प्रकार 17 जनवरी को प्राथमिक स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण के 176 विद्यार्थियों में से 166 उपस्थित रहे। वही माध्यमिक शाला की विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान के 198 बच्चों में से 185 बच्चों ने सहभागिता की। इसके अलावा लगभग 600 पालक व शिक्षक भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। ये परीक्षा 16 एवं 17 जनवरी यानी शुक्रवार और शनिवार को आयोजित की गई। जिसमें कक्षा 2 से 8 के बच्चों ने परीक्षा में सहभागिता की।
उपस्थित छात्र छात्राओं, शिक्षकों,पालकों/अभिभावकों को परीक्षा केंद्र पर आने व जाने के लिए परिवहन उपलब्ध कराया गया एवं सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने अपने दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा से किया। सभी छात्र- छात्राओं व उनके पालकों/अभिभावकों, सभी कर्मचारी शिक्षकों के लिए सुरुचिपूर्ण भोजन की व्यवस्था की गई। भोजन के पूर्व सभी ने भोजन मंत्र का उच्चारण किया। छात्र-छात्राओं का स्वागत रोली का तिलक लगाकर व फूलों से किया गया। जनशिक्षा केंद्र पर चयनित छात्र-छात्राओं को राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल से प्रदत्त प्रमाण पत्र प्रदान किए गए ।जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित छात्र छात्राओं को राज्य स्तर पर भेजा जाएगा।
वहीं शनिवार को आयोजित किए गए परीक्षा समापन सत्र कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल उपस्थित थे। जिन्होंने अपने उद्बोधन में डॉ भीमराव अंबेडकर कथन का वाक्यांश सुनाते हुए कहा कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा जिसका अर्थ है कि शिक्षा बहुत शक्तिशाली है। जो इसे प्राप्त करता है, वह आत्मविश्वास, शक्ति और प्रभाव के साथ जीवन में निडर होकर आगे बढ़ता है। और समाज में बदलाव लाता है, ठीक वैसे ही जैसे शेरनी का दूध पीने वाला व्यक्ति दहाड़ता है।
वहीं उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है। और समाज की तकदीर भी बदली जा सकती है। साथ ही कहा कि राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा विद्यार्थियों का भविष्य विषय आधारित गढने के लिए ओलंपियाड परीक्षा को उचित माध्यम बताया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से नियमित स्कूल आने और साफ स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण में अध्यापन करने और देश का भविष्य गढऩे के लिए मन लगाकर पढऩे की बात कही। साथ ही उन्होंने स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल प्रतियोगिताओं में भी अध्यापन के साथ भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
इस अवसर पर शासकीय उत्कृष्ट  उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  के प्राचार्य एस आर सरल, बीआरसी सी नरहरि मिश्रा,वाइस प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह यादव,वरिष्ठ शिक्षक के के पाठक आदि के द्वारा भी अपने विचार विद्यार्थियों के बीच साझा किए गए। वहीं बीआरसीसी नरहरि मिश्रा के द्वारा कई रोचक प्रसंग और कहानी ,किस्से सुन कर बच्चों को रोमांचित किया गया। इस अवसर पर कई जन शिक्षक, बीएसी, शिक्षक और जनपद शिक्षा केंद्र के कर्मचारी उपस्थित थे।