स्वार्थ छोड़ संगठित हों, तभी बनेगा भारत विश्व गुरू

Jan 12 2026

ग्वालियर। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। जिसमें वक्ताओं ने चेताया कि जब समाज अपनी जड़ों को भूलता है, तब वह कमजोर होता है। इतिहास गवाह है आपसी फूट और स्वार्थ के कारण भारत को नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए सभी को स्वार्थ छोडकऱ संगठित होना चाहिए, तभी भारत बलशाली और पुन: विश्व गुरू बन सकेगा। 
हरिशंकर पुरम में आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य विश्वजीत ने कहा कि भारत मृत्यंजय राष्ट्र है, जिसकी आत्मा को कोई राष्ट्र समाप्त नहीं कर सकता। हम भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, शिवाजी महाराज और महाराणा प्रताप की परंपरा के वंशज हैं। विगत दो हजार वर्षों तक देश ने आक्रमणकारियों का सामना किया, लेकिन आपसी फूट और स्वार्थ के कारण भारत को पराभव देखना पड़ा। इसी परिस्थिति पर चिंतन करते हुए डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, ताकि समाज संगठित होकर राष्ट्र को फिर से सशक्त बना सकें। संघ के 100 वर्ष के दौरान देश में जागृति आई है। भारत सबल राष्ट्र की श्रेणी में शामिल हुआ है। 
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि जहां हिंदू कम होते हैं, वहां कटते हैं। इसलिए हिंदुओं को संगठित होना होगा। विश्वजीत ने पंच परिवर्तन-सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व बोध, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कोई छोटा-बड़ा नहीं है। अपने को भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं वैचारिक रूप से भी स्वच्छ और बलशाली बनाकर देश को श्रेष्ठ बनाएं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभय कात्यायन महाराज ने कहा कि बच्चों को धनोर्पाजन की मशीन नहीं बनाएं, उन्हें संस्कार भी दें। विशिष्ट अतिथि ज्योति गुप्ता ने भी पंच परिवर्तन पर अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता प्रकाश चांदवानी ने की। 
हिंदू अपनी संख्या बढ़ाएं-पाठक
आर्य समाज बस्ती का हिंदू सम्मेलन सिंहपुर रोड स्थित आरडी कॉन्वेंट स्कूल मुरार में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता मध्य भारत प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख अशोक पाठक ने हिंदुओं की संख्या बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि जो अभिभावक अपने बच्चों का लालन-पालन करने में असमर्थ हैं, वह मातृशक्ति के चल रहे संगठन को अपने बच्चों को दे सकते हैं। श्री पाठक ने कहा कि भारत में रहने वाले सभी नागरिक हिंदू ही हैं, पूजा-पद्धति अलग होने की वजह से सब एक-दूसरे से भिन्न मानते हैं। उन्होंने घरों में हिंदू रीतियां अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि दरवाजे पर शुभ-लाभ, तुलसी पौधा, महापुरुषों व भगवान की तस्वीरें लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोत, मंदिर और श्मशान सहित कहीं भी भेदभाव नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर प्रीत बौहरे एवं अंबिका प्रसाद पचौरी ने भी हिंदुओं से एकजुटता का आह्वान किया। इस अवसर पर जेपी शुक्ला भी मंचासीन रहे। 
हिंदू एकजुटता से करें आसुरी शक्तियों का मुकाबला- उपाध्याय
आनंद नगर बस्ती का हिंदू सम्मेलन सूरज सुंदरम गार्डन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिंदू जागरण मंच के क्षेत्र संगठन मंत्री मनीष उपाध्याय ने कहा कि सनातन को नष्ट करने और हिंदुओं को बांटने के लिए त्रेता और द्वापर युग से ही ताडक़ा तथा पूतना जैसी आसुरी शक्तियां सक्रिय रहीं हैं। इन आसुरी शक्तियों का मुकाबला हिंदुओं को एकजुटता से करना होगा। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर हिंदू एक नहीं हुए तो इसके परिणाम घातक होंगे। बांग्लादेश इसका ताजा उदाहरण है। विशेष अतिथि राष्ट्र सेविका समिति मध्य भारत प्रांत की कार्यवाहिका अंजलि हार्डीकर ने पंच परिवर्तन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्ति शरीर और मन से स्वस्थ होगा तभी समाज और देश बचेगा।  
समरसता से ही समाज होगा सशक्त-बांदिल
चना कोठार बस्ती के हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र बांदिल ने कहा कि समरसता से ही समाज सशक्त होगा। विशेष अतिथि ज्योति भदौरिया ने पंच परिवर्तन पर प्रकाश डाला। इसके अलावा खल्लासीपुरा में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग कार्यवाह निरुपम नेवासकर, विशेष अतिथि आशाा सिंह, आमखो बस्ती में मुख्य वक्ता नरेश त्यागी, विशेष अतिथि डॉ.अलका प्रधान, मामा का बाजार में मुख्य वक्ता सुनील पाठक, टकसाल बस्ती में विहिप के प्रांत उपाध्यक्ष पप्पू वर्मा, विशेष अतिथि गायत्री चौहान ने, गणेश मंदिर में रवि अग्रवाल एवं रमा दीदी ने, संजय नगर बस्ती में धीरेंद्र भदौरिया एवं सपना जी, तामेश्वर बस्ती में महंत रामसेवक दास महाराज, प्रेमानंद महाराज, लाइन नंबर-3 बिरला नगर में संत वरुण महाराज, लाल टिपारा आदर्श गौशाला में ओरछा धाम के संत अनिरुद्धदास महाराज ने हिंदुओं से एकजुटता का आह्वान किया।