साइबर बदमाशों को खाता बेचने वाली गैंग के दो सदस्य और पकड़े

Jan 12 2026

ग्वालियर। साइबर बदमाशों को खाता बेचने वाली गैंग का भंडाफोड 23 दिसंबर को ग्वालियर पुलिस कर चुकी है और इस गैंग से जुड़े दो बदमाशों को सोमवार को पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों के नाम शैलेंद्र पटेल निवासी गांधीनगर गुजरात और मुकेश चौधरी निवासी सिरोही राजस्थान है।
यह दोनों मेंबर वैसे तो राजस्थान-गुजरात के रहने वाले हैं पर ग्वालियर में रहकर गैंग की मदद करते थे। पुलिस को इनसे जानकारी मिली है कि यह विदेश में बैठे साइबर क्रिमिनल्स को भारत से रुपए ट्रांसफर किया करते थे।
इस मामले में एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि यह बात तो पहले ही पता चलं चुकी थी कि पकड़ी गई गैंग के तार विदेशों तक़ में जुड़े हैं पर अब दो सदस्य हाथ लगे हैं उनसे पूरा खुलासा हो गया है कि यह गैंग आखिर विदेश में बैठे बदमाशों को कैसे रुपए ट्रांसफर करती थी।
एसएसपीसिंह ने कहा कि सोमवार को जिन लोगों को पकड़ा है वे अपना कमीशन काटकर बाकी रुपए विदेश भिजवाने की व्यवस्था करते थे। यह कमीशन भी दस परसेंट होता था जो कि कई मामलों में लाखों रुपए में पहुंच जाता था।
इस गैंग के काम करने के तरीके को क्रैक करने वाले एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि जो दो लोग पकड़े गए हैं वे नाइजीरिया या किसी दूसरे देश में बैठे बदमाशों के सीधे संपर्क में रहते थे। विदेश में बैठे बदमाश किसी को डिजिटल अरेस्ट करते या शेयर बाजार के झांसे में फंसाकर मोटी रकम ऐंठते तो रुपए सीधे इनके खाते में आता था। 
इनको खाते में आई रकम का दस परसेंट मिलता था। बाकी रुपयों को यह उन खातों में भिजवाने की व्यवस्था करते थे जो यूएस डॉलर ट्रांसफर सुविधा वाला होता था। इस खाते में रुपए पहुंचने के बाद यह रकम भारत से बाहर विदेशों में बैठे साइबर क्रिमिनल्स के पास पहुंच जाती थी। 
सात पहले ही पकड़े जा चुके है
ग्वालियर पुलिस ने इस गैंग के सात सदस्यों को पहले ही पकड़ लिया था। यह सभी म्यूल खाता साइबर क्रिमिनल्स को मुहैया करवाते थे। इन पकड़े गए लोगों से मिली टिप के आधार पर ही पुलिस आगे बढ़ रही थी पर एक पखवाड़े से यह ठग खामोश बैठे थे और अब जैसे ही इन्होंने नेटवर्किंग में हरकत की, इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंच गई और शैलेंद्र पटेल निवासी गांधीनगर गुजरात और मुकेश चौधरी निवासी सिरोही राजस्थान को उठा लिया है।