दो कन्याओं का नि:शुल्क विवाह कराया

Jan 09 2026

ग्वालियर। बालाजी दरबार मंदिर पारदी मोहल्ला पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रास पंचाध्याय की कथा का वर्णन करते हुए आचार्य पं. मनोज शास्त्री ने बताया की महारास में पांच अध्याय हैं, जो भागवत के पांच प्राण हैं, जो भागवत के इन पांच अध्यायों का भाव से गान करता है। वह भगवान की प्रेम भक्ति पाता है, उन्हें वृंदावन की भति सहज प्राप्त हो जाती है। महारास में भगवान शिव जी स्वयं आते हैं। महारास की लीला ही जीवात्मा और परमात्मा के मिलन की लीला है।
श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जो श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह के प्रसंग को सुनता है, उसके जीवन की वैवाहिक समस्या दूर हो जाती है। भगवान की बारात बैंड बाजे के साथ निकाली गई। भक्तों ने झूम झूमकर नृत्य किया। भगवान श्रीकृष्ण का रुक्मणी के संग विवाह हुआ और बालाजी दरबार के महंत नरेंद्र मिश्रा द्वारा दो कन्याओं का निशुल्क विवाह कराया गया।
कथा में राजेंद्र भारद्वाज, महंत दीपक शर्मा, महंत नरेंद्र मिश्रा, आचार्य सचिन भारद्वाज, परीक्षित विष्णु मिश्रा, सरिता मिश्रा आदि उपस्थित रहे।