समरस समाज से ही देश समर्थ और विश्व का मार्गदर्शक बन सकेगा

Jan 05 2026

ग्वालियर।  शहर और आसपास के क्षेत्रों में 18 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जब समरस समाज, संतुलित पर्यावरण, सजग नागरिक और संस्कारी परिवार मिलकर काम करेंगे, तभी भारत वास्तविक अर्थों में समर्थ, आत्मनिर्भर और विश्व का मार्गदर्शक राष्ट्र बन सकेगा। समाज को दिशा देने के लिए पंच परिवर्तन के सिद्धांतों को जीवनचर्या में उतारना समय की आवश्यकता है। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में रामकृष्ण नगर का हिंदू सम्मेलन पंत नगर पार्क महलगांव में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के सह कार्यवाह विजय दीक्षित, मुख्य अतिथि जडेरुआ धाम के हरिदास महाराज, विशिष्ट अतिथि समर्थ तीर्थ महाराज, महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज, अधिवक्ता मोनिका मिश्रा रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश सिंह चौहान ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक राजेश सिंह कुशवाह, अरुण खरे भी मंचासीन रहे।
मुख्य वक्ता श्री दीक्षित ने कहा कि हिंदुओं को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हिंदू भाव को जब-जब भूले आई विपद महान, भाई छूटे धरती खोई, मिटे धर्म संस्थान। इसलिए हिंदू समाज को सशक्त और साम्यवान बनना होगा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को आशा की नजर से देख रही है। इसलिए हिन्दुओं की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। कार्यक्रम की प्रस्तावना जेपी शर्मा ने प्रस्तुत की। संचालन संध्या मिश्रा एवं आभार देवेंद्र सिंह चौहान ने व्यक्त किया।
समाज के जागरूक होने से ही आएगा सकारात्मक परिवर्तन-ललित
चन्द्रप्रस्थ बस्ती, मुरार का हिंदू सम्मेलन एसएलपी कॉलेज के पास रॉयल गार्डन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दंदरौआ धाम के संत रामदास महाराज, विशिष्ट अतिथि लाल टिपारा आदर्श गोशाला के संत ऋषभदेवानंद महाराज, कालीदास महाराज, आदित्य महाराज, राष्ट्र सेविका समिति मध्य भारत प्रांत की कार्यवाहिका अंजली हार्डीकर रहीं। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग प्रचारक ललित कुमार थे। इस अवसर पर डॉ. डीके जैन भी मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता ललित कुमार ने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। धर्म की रक्षा के लिए समाज को संगठित होना जरूरी है। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए कई लोगों के परिवारों ने बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित करने के लिए 1925 में डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि समाज जब-जब जागरूक हुआ है तब-तब समाज की दिशा और दशा में सकारात्मक परिवर्तन आया है। 
जाति नहीं, योग्यता ही पहचान-हेवालकर 
सराफा बस्ती का हिन्दू सम्मेलन डीडवाना ओली स्थित महेश्वरी भवन में आयोजित किया गया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विज्ञान भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विवश्वान हेवालकर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, कुल या वर्ण से नहीं, बल्कि उसकी योग्यता, कर्म और आचरण से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई मात्र आस्था या रस्मों तक सीमित अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन पद्धति और वैज्ञानिक सोच से जुड़ा व्यापक दृष्टिकोंण है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी जीडी लड्ढा थे। अध्यक्षता दीपक सचेती ने की। इस अवसर पर डॉ. विनीता जैन, प्रतिभा अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक दीपक जैन विशेषरूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वसंत कुंटे ने एवं आभार दीपक सोनी ने व्यक्त किया।