माता सावित्रीबाई फुले का जीवन शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था: विधायक डॉ. सिकरवार
Jan 03 2026
ग्वालियर। शिक्षाविद माता सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं, जिन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले जी के साथ मिलकर भारत में महिला शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया। यह विचार शनिवार को 16 ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने ललितपुर कॉलोनी कार्यालय पर आयोजित माता सावित्री बाई फुले की जयंती के कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस मौके पर वरिष्ठ 151 महिलाओं का साड़ी व श्रीफल भेंट एवं पुष्पहार पहनाकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। मंच पर ब्लॉक अध्यक्ष विनोद जैन, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश तोमर, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रेखा जाटव, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप यादव, पार्षद सुरेन्द्र साहू, जीतू कुशवाह, कल्लू तोमर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष अनूप शिवहरे एवं आभार पार्षद अंकित कठठ्ल ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विधायक डॉ. सिकरवार ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने सन् 1848 में पहला बालिका विद्यालय खोला और छुआछूत मिटाने तथा विधवा पुनर्विवाह जैसे सामाजिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण उन्हें ‘महिला सशक्तिकरण का प्रतीक’ माना जाता है। विधायक डॉ. सिकरवार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन को एक मिशन के रूप में जिया, जो शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित था, और आज भी वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। कार्यक्रम स्वल्पहार के साथ संपन्न हुआ।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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