जीवात्मा परमात्मा का विशुद्ध मिलन ही महारास है-संत रामचन्द्र

Jan 02 2026

ग्वालियर। सिद्धपीठ गंगा दास की शाला में शरद ऋतु के अवसर पर पूरन बैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवक दास महाराज के सानिध्य में श्रीमद् भागवत कथा में संत रामचन्द्र दास ने महारास की कथा का सुन्दर वर्णन किया उन्होंने बताया कि जीवात्मा ओर परमात्मा का विशुद्ध मिलन ही महारास है उन्होंने बताया की महारास में उन्ही गोपियों को प्रवेश मिला जिनका प्रभु ने चीर हरण आवरण भंग किया था।
उन्होंने बताया की माया बड़ी प्रबल है माया का पर्दा तो केवल जगतपति परमात्मा के द्वारा ही हटाया जा सकता है किसी अन्य में यह सामर्थ नहीं है इसलिए हर जन मानुस को प्रभु से यह प्रार्थना करनी चाहिए कि हम पर अपनी कृपा करें। जैसे गंगा की धारा हिमालय से निकल कर समुद्र में नहीं मिल जाती तब तक उसे चेन नहीं मिलता। उसी प्रकार जीवात्मा जब तक परमात्मा को प्राप्त नहीं कर लेती उसे भी चेन नहीं आता। ठाकुर जी के विवाह की सुन्दर कथा सुनाई भगवान का विवाह भगवती रुक्मणि के साथ बड़ी ही धूम धाम से मनाया गया।