वीर बाल दिवस पर जागृति मार्च निकाला

Dec 26 2025

ग्वालियर। सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की अद्वितीय शहादत को स्मरण करते हुए वीर बाल दिवस मनाया गया। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रात: 10.30 बजे गुरुद्वारा फालका बाजार से जागृति मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च के माध्यम से गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों-बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को नमन किया गया।
जिन्हें मुगल शासक द्वारा जीवित दीवार में चुनवा दिया गया था। यह घटना भारतीय इतिहास में निर्भीक साहस और धर्म के लिए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक मानी जाती है।
जागृति मार्च की शुरुआत गुरुद्वारा फालका बाजार से हुई। जहां बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सिख समाज के लोग एकत्रित हुए। मार्च में पाटी द्वारा गठित जिला टोली भी शामिल रही। सभी ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर साहिबजादों की शहादत को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वातावरण वाहे गुरु और देशभक्ति के नारों से गुज उठा।
भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने बताया कि जागृति मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होता हुआ फूलबाग गुरुद्वारा पहुंचा। मार्ग के दौरान आमजन भी इस आयोजन से जुड़ते गए, जिससे मार्च का स्वरूप और भव्य हो गया। लोगों में साहिबजादों के बलिदान को लेकर भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।
भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने कहा कि वीर बाल दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान से परिचित कराना है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के लिए निस्वार्थ सेवा करने का संदेश दिया गया।
जागृति मार्च का शहर के कई स्थानों पर नागरिकों और सामाजिक संगठनों • द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान श्रद्धा और सम्मान का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
वीर बाल दिवस गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की उस शहादत की याद दिलाता है, जब बहुत कम उम्र में भी उन्होंने धर्म और सत्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। इतिहासकारों के अनुसार यह बलिदान न केवल सिख समाज बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणास्रोत है। साहिबजादों की निर्भीकता आज भी युवाओं को सत्य, साहस और राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।