पाप को जला देता है निष्काम कर्म-वल्लाभाचार्य

Dec 23 2025

ग्वालियर। जीव यदि तन्मय होकर लक्ष्मीनारायण भगवान की साधना करता है तो उसे सभी भौतिक सुखों व साधनों की प्राप्ति होती है । यह उदगार शिवशक्ति मंडल द्वारा मदन मोहन मंदिर मुरार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस बुधवार को जगत्गुरू वल्लभाचार्य महाराज ने व्यक्त किए।
उन्होंने सुदामा चरित्र की व्याख्या करते हुए कहा कि सुदामा अर्थात सुन्दर रस्सी में बंधा हुआ। माता-पिता, भाई, पत्नी िपुत्र आदि दस रस्सियों में जीवरूपी सुदामा बंधा हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने मनुष्य को तीन चीजे दी हैं तन,मन,धन ,लेकिन जो भगवान को नहीं देता वह दरिद्र होता हैं। दरिद्र होकर वह पाप करता हैं और पाप के प्रभाव से नरक में जाता हैं फि र और पाप करता हैं और दरिद्र होता हैं। दरिद्रता के दुष्चक्र से बाहर आना हैं तो भगवान के निमित्त दान करो।
उन्होंने बताया कि सुदामा ज्ञानी थे, लेकिन आजकल ज्ञान केवल अर्थोपार्जन का माध्यम रह गया हैं। ज्ञान का फल धन या प्रष्ठिता नहीं, परमात्मा से मिलना हैं सुदामा की पत्नी सुशीला पतिव्रता थी। गरीब पति की निष्ठा से सेवा करने वाली पत्नी सुशीला है। भगवान की सेवा,पूजा माध्यम हैं परन्तु लक्ष्य परमात्मा से मिलना हैं, इसके लिए जीवन में साधना आवश्यक है। कथास्थल पर सुदामा प्रसंग की भव्य झांकी सजाई गई।
उन्होंने बताया कि निष्काम कर्म को पाप जला देता हैं। इच्छा भक्ति में विघ्न पैदा करती हैं। इच्छा ही जीव के पुर्नजन्म का कारण हैं। जीव को माया ने पकड़ रखा हैं, जो परमात्मा की जय-जयकार करता हैं। वह माया के बंधन से मुक्त हो जाता हैं। परीक्षित रूपी जीव तभी मुक्त होता है। जब शुकदेव रूपी गुरु मिलते हैं।
इस मौके पर इस मौके पर मंडल के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गांगिल मुख्य यजमान रजनी राकेश कुमार गुप्ता पूर्व पार्षद महेश गुप्ता,अशोक कुमार, मथुरा प्रसाद जगदीश, राजेश गुप्ता महेश कोचिल् रगुराज तोमर विनोद रामप्रकाश सुधीर राजकुमार, महेश, अनिल दीपक पवन, पवन बंदील रणवीर कमल आत्माराम अरविंद शर्मा गिरजा शंकर भटेले अंजलि संगीता अनीता ममता मिथलेश, मूलचंद्, विदेश दाताराम सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।