ग्वालियर में शतरंज के बौद्धिक वैभव का सशक्त प्रदर्शन

Dec 12 2025

ग्वालियर। शतरंज सदैव से बौद्धिक अनुशासन, रणनीतिक गहराई और मानसिक परिपक्वता का प्रतीक रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आल ग्वालियर चेस एसोसिएशन (एजीसीए) के तत्वावधान में दूसरे एजीसीए अंतरराष्ट्रीय फाइड रेटेड क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन सागरताल रोड पर एक निजी होटल में किया गया। यह आयोजन न केवल प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि ग्वालियर को शतरंज के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक सशक्त कदम सिद्ध हुआ।
प्रतियोगिता का उद्घाटन मप्र के प्रथम अंतरराष्ट्रीय इंटरनेशनल मास्टर आईएम अक्षत कंवरिया, जो वर्तमान में एमपी ब्लॉक कमेटी के कन्वेयर भी हैं, द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में शतरंज प्रेमियों एवं अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और अधिक रेखांकित किया। वहीं समापन में मुख्य अतिथि शकुंतला परिहार, साहिल कलर घोस्ट ट्रिप, अंजू वर्मा, स्नेहा राजपूत आदि उपस्थित रहे।
उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में आईएम अक्षत कंवरिया ने कहा कि भारत में शतरंज अभूतपूर्व गति से प्रगति कर रहा है और विशेष रूप से मध्य प्रदेश क्षेत्र में हाल के वर्षों में शतरंज के प्रति रुचि, संरचना और प्रतिभा में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि क्लासिकल शतरंज प्रारूप खिलाडिय़ों के मानसिक विकास में विशेष भूमिका निभाता है। चार दिवसीय इस फाइड मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए 300 से अधिक खिलाडिय़ों ने सहभागिता की।  
ग्वालियर चेस एसोसिएशन की टूर्नामेंट निदेशक डॉ. गरिमा गर्ग ने बताया कि यह टूर्नामेंट युवा शतरंज प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य ग्वालियर को शतरंज के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। डॉ. गर्ग ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष की सफलता को देखते हुए इस बार अधिक संख्या में प्रतिभागियों की सहभागिता देखने को मिली, जिससे आयोजन का स्तर और ऊँचा हुआ।