संविधान दिवस पर संविधान की मूल प्रति को देखने लोग पहुंचे सेन्ट्रल लाइब्रेरी लोग

Nov 27 2025

ग्वालियर। संविधान दिवस पर बुधवार को ग्वालियर में महाराज बाड़े स्थित केंद्रीय पुस्तकालय (सेंट्रल लाइब्रेरी) में भारत के संविधान की हस्तलिखित मूल प्रति आमजन के देखने के लिए प्रदर्शित हुई। यह वही मूल प्रति है जो 26 नवंबर 1949 को तैयार की गई,16 प्रतियों में से एक है और जिस पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू सहित संविधान सभा के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
इस ऐतिहासिक दस्तावेज को देखने के लिए ग्वालियर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी लोग लाइब्रेरी पहुंचे। इसके अलावा संविधान की डिजिटल प्रति को भी 65 इंच की स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया। ताकि अधिक से अधिक लोग इस विरासत को आसानी से देख सकें।
गौर करने वाली बात है कि यह मूल प्रति साल में सिर्फ दो बार ही लाइब्रेरी से बाहर निकाली जाती है और विशेष सुरक्षा के बीच प्रदर्शित की जाती है।
सिंधिया राजवंश को मिली थी संविधान की यह अमूल्य प्रति
ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने यह मूल प्रति सिंधिया राजवंश को सौंपी थी। बाद में इसे सुरक्षित रखे जाने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय में संरक्षित किया गया, जहां इसे विशेष तापमान और सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जाता है।