वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर कांग्रेस ने किया नमन

Nov 22 2025

ग्वालियर। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आकाशवाणी तिराहे स्थित वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
शनिवार सुबह से ही वीरांगना की प्रतिमा स्थल पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव ने कहा कि झलकारी बाई वास्तव में एक समर्पित युवा वीरांगना थीं, जिनके देश के प्रति योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 को झांसी के निकट भोजला गांव में सरोवर सिंह और जमुना बाई के घर हुआ था। उनके पति का नाम पूरनकोरी था।
वे एक वीर महिला थीं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। जब रानी लक्ष्मीबाई के साथ विश्वासघात होने पर झांसी की पराजय निश्चित थी, तब रानी को सुरक्षित झांसी से बाहर निकालने में झलकारी बाई ने अहम भूमिका निभाई थी। वे रानी की हमशक्ल थीं और उन्होंने रानी का वेश धारण कर अंग्रेजों के शिविर में पहुंचकर उन्हें भ्रमित किया था।
इस अवसर पर कांग्रेस के महा सचिव सुनील शर्मा, अशोक प्रेमी,  भैयालाल भटनागर, संजीव दीक्षित,रामनरेश परमार, पल्लव शर्मा, विकास उपाध्याय, सुरेश प्रजापति, जितेन्द्र राजवत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।