महापौर सिकरवार ने पेचवर्क वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

Nov 21 2025

ग्वालियर। शहर की सडक़ों को गड्डा मुक्त करने के लिए शुकवार से अभियान शुरू हो रहा है। इसके लिए नगर निगम द्वारा ठेका दिया गया है। इसकी शर्त है कि ठेकेदार द्वारा पेचवर्क को करने से पहले पूरी तरह से कट लगाकर उसकी सफाई आदि करने के बाद पेचवर्क किया जाएगा।
ठेकेदार को इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों का पालन करते हुए पेचवर्क करना होगा। इस प्रकार का पेचवर्क नेशनल हाइवे की तर्ज पर किया जाएगा। इस कार्य का बालभवन में महापौर शोभा सिकरवार ने हरीझण्डी दिखाकर मशीनों को रवाना किया।
बारिश के कारण शहर में उखड़ी सडक़ों की पेच रिपेयरिंग करने के लिए नगर निगम ने ठेका दिया है। 1692 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से यह ठेका दिया गया है। पहले फेज में ठेकेदार को 20 हजार वर्ग मीटर की सडक़ें दी जाएंगी। ठेकेदार द्वारा शहर के मुख्य मार्गों के गड्ढों को भरा जाएगा।
इठेकेदार द्वारा इसके लिए पहले कट लगाया जाएगा, गड्ढे में मुरम और गिट्टी की परत भी निकल गई है तो 150 मिमी तक गहराई कर पहले गिट्टी डामर की परत कर बाद में 70 मिमी मोटी डामर की परत बिछाई जाए। इसके बाद रोड रोलर से गड्डों डामर एवं गिट्टी की परत को समतल किया जाए।
शहर में हुए गड्डों में धूल-मिट्टी की मोटी परत जमा है, नगर निगम मिट्टी एवं गिट्टी की सफाई किए बगैर सीधे डामर और गिट्टी की परत बिछा रहा है। जिसके कारण थोड़े ही समय में यह पेचवर्क उखड़ सकता है।
शहर की सडक़ों के गड्डों को भरने के लिए निगमायुक्त संघ प्रिय ने यह कार्य ठेके पर देने की योजना बनाई थी। अभी तक नगर निगम के द्वारा पेचवर्क किया जाता था, इसके लिए बिना सफाई आदि किए गिट्टी, डामर, मुरम जो मिल जाए उसे डाल दिया जाता था। लेकिन इस बार नंगर निगमायुक्त संघ प्रिय ने नेशनल हाइवे की तर्ज पर शहर की सडक़ों का पेचवर्क कराने की योजना बनाई, क्योंकि इस तकनीक से एक बार पेचवर्क होने पर वह लंबे समय तक टिका रह सकता है।
इंडियन रोड कांग्रेस के नियमानुसार
खराब सडक़ों की पेच रिपेयरिंग के लिए इंडियन रोड़ कांग्रेस ने जो नियम बनाए हैं उसके अनुसार सडक़ में 150 मिमी गहराई को गड्डा माना जाता है। इसलिए इसि सडक़ में सबसे ऊपर 70 मिमी मोटी डामर की परत होती है। इसके बाद 30 से 40 मिमी गिट्टी और बाकी की गहराई को बेस माना जाता है। नियमों के अनुसार गड्डों को भरने के लिए पहले उसमें मौजूद डस्ट व गिट्टी को निकालना होगा। इसके बाद उतने हिस्से की कटिंग कर उसमें गिट्टी व मटेरियल डालकर गड्ढे को भरा जाता है।