कलेक्ट्रेट को शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी हटाने एआईडीएसओ ने ज्ञापन दिया

Nov 18 2025

ग्वालियर। छात्र संगठन एआईडीएसओ की ग्वालियर इकाई द्वारा दतिया में शिक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने के विषय में ग्वालियर जिला कलेक्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया। घटना के बारे में जिला सचिव दीपक बरैया ने बताया कि मप्र में 70 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं, जिनमें 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है और 6858 स्कूल ऐसे हैं जहां मात्र 1 शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश में शिक्षा के हालात कितने भयावह होंगे इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
ऐसे में हाल ही में दतिया जिले के शा. उच्चतर माध्यमिक स्कूल के 1 शिक्षक द्वारा एसआईआर हेतु बीएलओ ड्यूटी से बढ़ते मानसिक दबाव के कारण स्कूल के ही कमरे में आत्महत्या कर जी, जो कि सरकार की शिक्षा-विरोधी नीतियों का दर्दनाक परिणाम है। यह केवल एक शिक्षक की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की जर्जर हालत और सरकार की संवेदनहीन नीतियों का भयावह परिणाम है।ं
वही मुरैना जिले के एकल शिक्षक वाले सर्वाधिक 90 स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को भी बीएलओ ड्यूटी पर तैनात कर देने से जिले की स्कूली शिक्षा चौपट हो गई है।
शिवपुरी जिले के शिक्षकों को 1 महीने के लिए गाँव -गाँव, घर -घर एसआईआर हेतु बीएलओ बनाकर मतदाता गिनने भेज दिया गया है। जिस कारण शिवपुरी जिले के 119 स्कूलों में ताले लगे है। यहाँ तक कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर के सीधी जिले के करीब 72 प्रतिशत शिक्षकों को बीएलओ में तब्दील कर दिया गया है।
छात्र संगठन सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करता है और यह मांग करता है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरीके से दूर रखने, स्ढ्ढक्र जैसे कामों के लिए अलग से स्टाफ की नियुक्ति व पूरे प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों पर अविलंब स्थाई भर्ती की जाए।