ऐसा लग रहा था किसी को मार देगें , अनहोनी की आशंका से भयभीत हो गए हम

Nov 17 2025

भितरवार। एक व्यक्ति के पीछे बहुत लोग दौड़ते हुए आ रहे थे। पत्थर फेंकते हुए आ रहे लोगों को देख उस व्यक्ति ने अपने बचाव में तलवार निकाल ली। और लहराने लगा। पत्थरबाजी देख उसकी बेटियों ने अपने पापा को बचाने के लिए घर से पत्थर फेंके। ऐसा लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि आज बड़ी अनहोनी होगी। तलवार लहराने और पत्थर बाजी होने हम काफी डर गए। और अपने - अपने दरवाजे बंद कर लिए। यह बातें बीते रोज दो पक्षों हुए झगड़े से भयभीत वार्ड क्रमांक 9 के रहवासियों ने बताई। और उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कढ़ी निंदा की। उल्लेखनीय है। कि शनिवार की शाम को नगर के बस स्टैंड के पास वार्ड क्रमांक 9 की एक गली में व्यवसाई लखन सोनी और राघवेंद्र रावत के बीच पुरानी रंजिश के चलते विवाद हो गया था। बाइक निकालने को लेकर दोनों के बीच हुए विवाद ने थोड़ी ही देर में झगड़े का रूप ले लिया। जिसमें लखन सोनी तलवार निकाला लाया। उसके पीछे अपने साथियों के साथ भाग रहे राघवेंद्र रावत ने लखन सोनी पर जमकर पत्थर फेंके। तलवार लहराने और पत्थरबाजी देख रहवासी काफी दहशत में आ गए। और वे अनहोनी की आशंका से अपने - अपने दरवाजे बंद कर घर में दुबक गए। काफी देर तक हुए इस झगड़े का एक वीडियो सोशल मीडिया वायरल हुआ। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले तलवार लहराने वाले व्यवसाई लखन सोनी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उक्त व्यवसाई के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। दूसरे व्यक्ति राघवेंद्र रावत के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने पर जब थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ कोई मामला नहीं है। हालाकि सूत्र बताते हैं। कि बाद में पुलिस ने राघवेंद्र रावत के खिलाफ धारा 151 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस घटना की हकीकत जानने के लिए रविवार को जब वार्ड 9 की गली में रहवासियों से पूछा गया तो उन्होंने घटना की जो हकीकत बताई। उससे पुलिस की कार्रवाई पर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। रहवासी हिमांचली पाठक ने बताया कि हमारी पूरी गली के लोग कल से काफी भयभीत हैं। उसने बताया कि एक व्यक्ति के पीछे कई लोग पत्थर मारते हुए दौड़ते हुए गली के अंदर घुस आए। अपने आपको बचाने के लिए वह व्यक्ति तलवार निकाल लाया। उसकी बच्चियों ने भी अपने पापा को बचाने के लिए छत से पत्थर फेंके। ऐसा लग रहा था कि पत्थर फेंकने वाले लोग उस व्यक्ति को मार ही देगें। वही रहवासी राजेश्वरी शिवहरे ने बताया कि कल जैसी घटना कभी नहीं देखी। हमने तो डर से घर गेट बंद कर लिए। ऐसा लग रहा था आज बड़ी अनहोनी होगी। वहीं इसी प्रकार एक महिला ने कहा कि हम काफी भयभीत है। सभी व्यवसाई लोग रहते हैं। खुलेआम गुंडागर्दी हुई थी। वहीं इस दौरान गली में मौजूद लखन सोनी की पत्नि ने कहा कि इससे पहले भी राघवेंद्र रावत ने मारपीट की थी। पुलिस हमारी नहीं सुनती लखन सोनी के लड़के ने बताया कि एसडीओपी उन्हीं का पक्ष लेते हैं। कई लोगों ने पत्थर फेंकते हुए हमला किया लेकिन थाना प्रभारी ने हमारे पापा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दी। और राघवेंद्र के खिलाफ केवल 151 के तहत मामला दर्ज किया। उसने बताया कि पुलिस थाने में थाना प्रभारी के पास किसी मंडल अध्यक्ष का फोन आ गया था। जिससे राघवेंद्र के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई नहीं की। जबकि पुलिस जांच करती तो पत्थर फेंकने वाले और लोगों के खिलाफ की कार्रवाई होती।