ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर 5 की मौत, गाड़ी काटकर निकालने पड़े शव

Nov 16 2025

ग्वालियर। रविवार सुबह एक फॉच्र्यूनर अचानक आगे चल रही रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। हादसे में गाड़ी में सवार सभी पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वाला 24 साल का प्रिंस, कारोबारी उमेश राजावत के तीन भाइयों में इकलौता बेटा था। इसके साथ ही आदित्य जादौन, राम पुरोहित, क्षितिज उर्फ प्रिंस राजावत, कौशल भदौरिया, अभिमन्यु सिंह की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। प्रिंस की शादी की तैयारी भी चल रही थी। अगले साल उसकी शादी होनी थी। प्रिंस की मौत की खबर के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
हादसा ग्वालियर-झांसी हाइवे पर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर मालवा कॉलेज के पास रविवार सुबह साढ़े 5 से 6 बजे के बीच हुआ। सभी मृतक ग्वालियर निवासी बताए जा रहे हैं।
ग्वालियर में रविवार सुबह हुए हादसे के दौरान फॉच्र्यूनर करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। इसी वजह से वह रेत से भरी ट्रॉली से इतनी जोरदार टकराई कि आगे की बॉडी के परखच्चे उड़ गए। कार का पूरा इंजन चकनाचूर हो गया। एयरबैग भी फट गया। स्पीडो मीटर में अंतिम स्पीड 151 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज हुई थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इतनी तेज रफ्तार में गाड़ी को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल होता है।
हादसे में मृतक प्रिंस राजावत के पिता उमेश राजावत बड़े कारोबारी हैं। उनका शनिचरा के पास तेल मिल कारखाना है। रात आठ बजे वह फॉच्र्यूनर कार से शनिचरा से घर लौटे थे। उसके बाद प्रिंस अपने दोस्तों के साथ जाने के लिए इसी कार से निकल गया। उसने किसी को कुछ बताया भी नहीं था। प्रिंस सभी का लाडला था।
प्रिंस की आखिरी बार बात विकास शर्मा से हुई, जो रात के 10 बजे उसके साथ ही था। विकास ने बताया कि 10 बजे वह और बाकी दोस्त दीनदयाल नगर में सिंधिया स्टैच्यू के पास उतर गए थे और दूसरे दोस्त फॉच्र्यूनर में सवार हो गए थे। हमारे बाद, जो सवार हुए, वह साल दो साल में एक बार ही मिलते थे।
विकास ने बताया कि रातभर वह लोग कहां गए, कहां घूमे, इसकी जानकारी तो नहीं हैं, बस इतना पता चला है कि सुबह 4 बजे जौरासी मंदिर के सामने जो, चाय-नाश्ते की दुकानें लगती हैं। वहां सभी लोग चाय पीने गए थे। इससे पहले भी कई बार जौरासी मंदिर पर सुबह-सुबह चाय-नाश्ते के लिए जा चुके हैं।
ऐसा पता लगा है कि शनिवार को किसी दोस्त का बर्थडे था। जिसे सेलिब्रेट करने के लिए यह सभी दोस्त निकले थे। पूरी रात इन लोगों ने जश्न मनाया है। रविवार सुबह जब नाश्ते की तलब मची तो जौरासी घाटी स्थित हनुमान मंदिर के सामने नाश्ता करने पहुंच गए। यहां से लौटते समय मालवा कॉलेज के सामने फॉच्र्यूनर कार हादसे का शिकार हो गई। जिसमें आदित्यपुरम निवासी शिवम राजपुरोहित की भी मौत हुई है।
 शिवम हाल ही में एक दोस्त के बर्थडे के लिए गुडग़ांव से ग्वालियर आया था। रास्ते में प्रिंस, आदित्य, अभिमन्यु और कौशल मिल गए। जिनके साथ में रात को जश्न मनाने निकल पड़ा और हादसे में अपनी जान गंवा दी।
घटना के समय कार की स्पीड और चालक को लेकर कई बातें सामने आई हैं। घटना के बाद जब पुलिस स्पॉट पर पहुंची तो चालक की सीट पर, जो व्यक्ति फंसा मिला। उसकी पहचान कौशल भदौरिया के रूप में हुई है। इससे साफ है कि घटना के समय गाड़ी कौशल भदौरिया चल रहा था।
सभी पांच दोस्त, जिनकी मौत हुई है, उनमें कौशल अकेला ही ऐसा था जिसकी शादी हो चुकी है। कौशल की तीन साल पहले शादी हुई थी। पत्नी का नाम निशी है और एक डेढ़ साल की बिटिया भी है। दो महीने पहले कौशल के पिता को कैंसर हुआ है।
एक साथ निकले पांच दोस्तों के शव
ग्वालियर में रविवार दोपहर को पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जो मंजर था वह दिल दहला देने वाला था। जिस तरह एक साथ शनिवार की रात को पांचों दोस्त जश्न मनाने निकले थे। इस तरह एक के बाद एक दोस्त के शव को उनके परिजन पोस्टमार्टम के बाद एम्बुलेंस से ले जाते रहे थे।
रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर हुई कार्रवाई
रेत से भरी ट्रॉली से टकराकर पांच युवकों की मौत होने की सूचना मिलते ही माइनिंग विभाग की टीम सुबह ही सडक़ों पर उतर आई। रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर धड़ाधड़ कार्रवाई होने लगी। माइनिंग व प्रशासन की टीम देखकर रेत से भरी ट्रॉलियां सडक़ से गायब हो गई।