पंचकल्याण महोत्सव: जन्मकल्याणक पर शहर में शोभायात्रा निकली

Nov 13 2025

ग्वालियर। अयोध्या नगरी फूलबाग मैदान में चल रहे चौबीसी तीर्थंकर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में बालक आदि कुमार का जन्म उत्सव मनाया गया। जन्मकल्याणक पर राजदरबार में इंद्र इंद्राणियों बधाईयां के साथ नृत्य किया। वही बालकों को ऐरावत हाथी पर बैठकर पांडुशिला पर अभिषेक किया। वही रात्रि में पालना कार्यकम आयोजित किया गया।

तीर्थंकर जैसी माता अपने कोख से विरले जैसे पुत्रों को ही जन्म देती हैं:आचार्यश्री
आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मां संतान का चयन नहीं करती, संतान मां का चयन करती है कि उसे किसकी कोख से जन्म लेना है। तीर्थंकर भगवान उसी मां का चयन करते है जो संस्कारदात्री हो सौभाग्यशाली हो। साधारण माता तो सैकड़ों, हजारों पुत्रों को जन्म देती है पर तीर्थंकर जैसी माता अपने कोख से विरले जैसे पुत्रों को ही जन्म देती हैं।
इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पंचकल्याणक महोत्सव में पहुंचकर आचार्यश्री सुबल सागर महाराज से मंगल आशीर्वाद लिया। आचार्यश्री ने स्मृति चिन्ह ने सम्मान किया।
महोत्सव के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महोत्सव के तीसरे दिन जन्मकल्याण पर प्रात बालक आदि कुमार का जन्म माता मरूदेवी की कोख से हुआ। जन्मोत्सव में सुबह जैसे ही बालक आदिकुमार के जन्म की घोषणा हुई, पूरा पांडल मे बालक आदि कुमार की जय-जयकार कर से गूॅज उठा! महिलाएँ मंगल गीत गाते हुएं नृत्य करने लगी! सौधर्म इन्द्र समेत सभी इंद्र-इंद्राणियॉ खुशी के मारे झूम उठे! कुबेर ने रत्नो की बर्ष करते हुऐ नृत्य करने लगें।
अयोध्य नगरी फूलबाग मैदान से जन्मोत्सव का भव्य जुलूस शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। बालक आदि के जन्मोत्सव पर ऐरावत हाथी पर सवार सौधर्म नवलकिशोर जैन व इंद्राणी बालक आदिकुमार को गोदी में लेकर बैठे थे। वही बग्गियों में वेशभूष इंद्रा -इंद्राणिया 24 तीर्थंकर बालकों को लेकर सवार थे। जूलूस में ऐरावत हाथी के साथ बैंड के भजनों पर कभी संख्या मे जैन समाज के लोग नृत्य और भक्ति मे झूम रहे थे। पुरूष वर्ग सफेद वस्त्र और महिला वर्ग केसरिया साड़ी पहनकर सम्मिलित हुई।