रामलीला हमारी संस्कृति और आदर्शों का जीवंत स्वरूप-जीतेंद्र रावत

Nov 13 2025

भितरवार। भगवान श्रीराम हर युग में प्रासंगिक हैं। उनके मूल्यों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। श्रीरामलीला हमारी संस्कृति और आदर्शों का जीवंत स्वरूप है। यह बात जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र रावत ने बागवई गांव में चल रही श्रीराम लीला में कही। नगर के समीप स्थित ग्राम बागवाई में श्री बजरंग कला पथक मंडल के तत्वावधान में जारी पचासवे श्री रामलीला महोत्सव में जिला पंचायत सदस्य जीतेंद्र रावत शामिल हुए। और उन्होंने भगवान श्रीरामजी की आरती उतारी और आशीर्वाद प्राप्त किया। 
इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के बताए मार्ग पर चलकर ही जीवन सफल हो सकता है।उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण के चरित्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि राम के चरित्र से एक पुत्र के कर्तव्य की सीख मिलती है। वहीं लक्ष्मण के चरित्र से एक भाई का भाई के प्रति स्नेह झलकता है। हम श्रीरामलीला के मंचन से भगवान श्रीराम को याद करते हैं। जो हमारी संस्कृति व सभ्यता का प्रतीक है।
श्रीराम द्वारा स्थापित मर्यादाओं एवं भगवान श्रीराम के जीवन आदर्श को हम सभी अपने जीवन में अपनाएं तभी हमारा जीवन सार्थक हो सकता है। रामलीला के मंचन से हमें अपने संस्कार और संस्कृति का ज्ञान प्राप्त होता है। और शुद्ध व सात्विक ढंग से जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। श्री बजरंग कला पथक मंडल द्वारा लगातार 50 वर्ष श्रीराम की लीला का मंचन बहुत ही सात्विक,एवं मार्मिक ढंग से करती आ रही है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र है। इस अवसर पर रामलीला समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।