पंचकल्याण महोत्सव: मंगल कलश घटयात्रा के साथ शुभारंभ, जैन समाज के लोगा उमड़े

Nov 11 2025

ग्वालियर। अयोध्या नगरी फूलबाग मैदान में आचार्यश्री सुबल सागर महाराज एवं मुनिराजों  के सानिध्य में 11 से 16 नवंबर तक श्री चौबीसी तीर्थंकर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन मंगलवार को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ग्रेटर व समन्वयक जैन मिलन ग्वालियर की ओर से नई सडक़ स्थित चंपाबाग धर्मशाला से विशाल मंगल कलश घटयात्रा निकाली गई। जिसमे 24 माता पिता, 24 सौधर्म इंद्र के साथ इंद्र इंद्राणी के द्वारा अनुष्ठान के लिए राजा महाराज।के वेशभूष में शोभायात्रा में सवार होकर निकले।
आयोजन समिति के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि श्री चौबीसी तीर्थंकर पंचकल्याण महोत्सव का आगाज मंगलवार सुबह मंगल कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। यह शोभायात्रा नई सडक़ से शुरू होकर गस्त का ताजिया, राममंदिर चौराहा, फालका बाजार, छप्पर वाला पुल, शिंदे की छावनी, डीडी मॉल के सामने से होते हुए कार्यक्रम स्थल अयोध्या नगरी फूलबाग मैदान पहुंचेगी। शोभायात्रा में सबसे आगे युवा जैन ध्वजा लेकर व हाथी पर सौधर्म इंद्रा जैनध्वजा लेकर चल रहे थे।
वही भगवान के माता पिता, धन कुबेर ओर इंद्रा-इंद्राणिया बाग्गियो मे सवार थे। महिलाएं एक जैसे केसरिया कलर की साडिय़ां पहनकर मंगल कलश सिर पर रखकर व मंगल गीत गाकर चल रही थी। आकर्षक बैंड पर युवक और युवातिया नृत्य कर थे। महिला सगंठनो ने पूरे रास्ते डांडिया गरबा खेलाती हुई चल रही थी। ढोल ताशे के साथ रथ में भगवान जिनेंद्र की प्रतिमाएं विराजित थी।
जैन समाज के लोगो ने अपने घर के द्वारे पर भव्य रंगोली बनकर रथ की आगवानी के साथ आचार्यश्री सुबल सागर महाराज के पाद प्रक्षालन के साथ भगवान जिनेद्र की भव्य आरती उतारी।
रात्रि में नाभिराय का दरबार लगा, माता मरूदेवी ने देखे 16 सपने
तीर्थंकर भगवान के गर्भ मे आने से पहले ही पृथ्वी पर शुभ लक्षण दिखाई देने लगते है। ठीक इसी तरह भगवान आदीनाथ की माता मरूदेवी को 16 सपने दिखाने के साथ आभास कराया कि आने वाले समय मे उनके गर्भ से तीर्थंकर पैदा होगे। पंच कल्याणक पहले दिन रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर यही दृश्य प्रस्तुत किया गया। गर्भ क्रियाएं संपन्न कराई।
आयोजन के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन 12 नवंबर को सुबह 6:30 बजे से इंद्रो के द्वारा भगवान जिनेंद्र देव का अभिषेक ओर शांतिधारा ओर पूजन होगी। 9 बजे से आचार्यश्री के प्रवचन होगे। वही दोपहर में 1 बजे से माता पिता की गोद भराई होगी। वही शाम को महाआरती के साथ नाभिराय का दरबार में माता मारुदेवी के 16 स्वप्न फल ओर 56 कुमारियों की भेट कार्यक्रम होगा।