श्री चौबीसी तीर्थकर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 11 से 16 नवंबर तक

Nov 10 2025

ग्वालियर। ग्वालियर के इतिहास में पहली बार अयोध्या नगरी फूलबाग मैदान में 11 से 16 नवंबर महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ एवं गरजरथ तक श्री चौबीसी तीर्थकर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्यश्री सुबल सागर एवं मुनिराजों के मंगल सानिध्य तथा प्रतिष्ठाचार्य आशीष भैया के मार्ग दर्शन में आयोजित होगा। इस महोत्सव में पहली बार भगवान के 24 माता पिता, 24 सौधर्म इंद्र, 24 धनकुबेर के साथ अन्य इंद्र इंद्राणी मुख्य पात्र बनकर महोत्सव के अनुष्ठान की क्रियाएं संपन्न करेंगे। इस इस महोत्सव का शुभारंभ 11 नवंबर को मंगल कलश घटयात्रा निकालकर किया जाएगा। 
यह जानकारी पत्रकारों को देते हुए आचार्यश्री सुबल सागर ने कहाकि पंचकल्याणक पत्थर (पाषाण) को भगवान बनाने की विधि है। तीर्थकर बनने की पांच घटनाएं होती हैं। गर्भ, जन्म, वैराग्य, केवल ज्ञान और मोक्ष। पंचकल्याणक के दौरान पांचों दिन एक-एक घटना के संदर्भ में अनुष्ठान होता है। तीर्थकर के गर्भधारण करने के 6 माह से देवता रत्नों की वर्षा करने लगते हैं। आचार्य श्री ने कहा कि पंचकल्याणक क्यों होते है- पत्थर से बनी प्रतिमाएं निर्जीव होती हैं। पहले अनुष्ठान के साथ ही उन्हें जीव मान लिया जाता है। संपूर्ण अनुष्ठान होने के बाद ही मूर्तियां मंदिर में विराजमान करके पूजने लायक होती हैं।