सीमा प्रबंधन में भविष्य की चुनौतियों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू

Nov 03 2025

टेकनपुर/ ग्वालियर। सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर में सोमवार से दो दिवसीय सीमा संवाद पर राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरूआत हुई। इस सीमा संवाद संगोष्ठी का शुभारंभ अकादमी के निदेशक एडीजी डा शमशेर सिंह ने किया।
बीएसएफ द्वारा आयोजित इस सीमा संगोष्ठी में सीमा प्रबंधन में भविष्य में आने वाली चुनौतियों तकनीकी नवाचारों पर विचार विमर्श करना है। इस संगोष्ठी में देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के अलावा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ के साथ ही सीआरपीएफ, एनबीसी, एनआईए तथा विभिन्न राज्यों के पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि अकादमी निदेशक डा शमशेर सिंह ने देश की सीमाओं की लगातार बदलती परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि टेक्नोलोजी, इंटेलीजेंस और इनोवेशन के समन्वय से ही सीमाओं की जटिल चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। डा सिंह ने कहा कि सीमा पर होने वाली सभी गतिविधियां पर शीघ्र एवं सटीक प्रतिक्रिया देना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि नई तकनीक में आर्टीफिसियल इंटेलीजेंस, सायबर सिक्योरिटी, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ड्रोन वार फेयर और मशीन लर्निंग जैसी तकनीक का प्रभावी उपयोग सीमा प्रबेधन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होने कहा कि बीएसएफ के पुलिस टेक्नोलोजी इनोवेशन सेंटर  ने आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मद्रास रूस्तम जी इंस्टीटयूट आफ टेक्नोलोजी, सेनवेस्टो बीएसएफ जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ सहयोग स्थापित किया है ताकि जमीनी स्तर पर व्यवहारिक समाधान विकसित किये जा सकें और जरूरी तकनीक को सीमा सुरक्षा की दिशा में प्रभावी रूप से उपयोग में लाया जा सके।
डा सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि अब बीएसएफ ने स्वदेशी नस्ल के श्वानों को प्रशिक्षण देना शुरू किया है। डा सिंह ने मुदौल हाउंड किस्म की श्वान रिया का विशेष उल्लेख किया जिसने 2024 में विशेषज्ञों के मना करने के बाद पूरे टेस्ट पास किये और 2024 की आल इंडिया पुलिस डयूटी मीट प्रतियोगिता में 116 देशों के श्वानों को पछाड कर सर्वश्रेष्ठ का खिताब जीता। उन्होंने कहा कि इससे यह प्रेरणा मिलती है कि स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल कर भारत आत्म निर्भरता की दिशा में और अग्रसर हो सकता है।
यह उदघाटन दो दिवसीय ज्ञान साझाकरण यात्रा की शुरूआत है जिसका उददेश्य भारत की सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को शोध तकनीकी अनुकूलन दृष्टिकोण के माध्यम से बढावा देकर एक सुरक्षित , स्मार्ट एवं भविष्य के लिये उपयुक्त सीमा प्रबंधन तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो।