सनातन के आराध्यों की छवि बिगडऩे की कोशिश करते हैं विधर्मी: साध्वी अंजलि
Oct 29 2025
ग्वालियर। कुछ विधर्मियों ने हमारे आराधों की छवि बिगाडने की कोशिश की। कभी उन्हें छलिया तो कभी नशेड़ी कहा गया। भगवान श्रीकृष्ण छलिया नहीं योगी थे। इसी तरह भगवान भोलेनाथ भांग का नशा नहीं करते थे बल्कि वह इतने भोले थे कि पत्तियां चढ़ाने से भी खुश हो जाते थे और वह पत्तियां भांग की पत्तियां नहीं थी। यह विचार साध्वी अंजलि ने शताब्दी पुरम स्थित दंदरौआ धाम मंदिर पर आयोजित राष्ट्रकथा एवं कृष्ण कथा के छठवें दिवस व्यक्त किए।
उन्होंने देश की उन्नति का मंत्र बताते हुए कहा कि जब तक हमारे देश के नागरिक सदाचारी और देशभक्त नहीं होंगे तब तक देश तरक्की नहीं कर सकता है। हमारा जो युवा महापुरुषों के त्याग के लिए कभी संवेदनशील नहीं हुआ. वह सैयारा पिक्चर देखकर रो रहा है। इससे बड़ी विडब्वना देश के लिए क्या होगी। भारत योग का देश था उसे भोग का देश बनाया जा रहा है। राष्ट्र निर्माण के लिए महापुरुषों के चरित्र को जीवन में उतरना होगा। महात्मा गांधी पर टिप्पणी करते हुए अंजलि ने कहा कि गांधी जी ने मंदिरों में कुरान पड़ी लेकिन कभी मस्जिदों में गीता पढऩे की उनकी हिम्मत नहीं हुई। जिसने गीता को पढ़ लिया वह समझो कर्मयोगी हो गया। इस विचित्र विडंबना ही कहेंगे कि विदेशी युवा धोती कुर्ता पहनकर वृंदावन में राधे-राधे कर रहे हैं और हमारे वाले फटी जींस पहनकर सडक़ों पर घूम रहे हैं।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









