समय पर करो बेटा बेटी का विवाह. साध्वी अंजलि
Oct 26 2025
ग्वालियर। यदि हमें अपने बच्चों को चारित्रिक पतन से बचाना है तो उन्हें बचपन से संस्कार देकर उनकी शादी समय पर करें। वेद के अनुसार बेटी की शादी की सही उम्र 18 से 20 और बेटे की शादी की उम्र 20 से 22 है लेकिन कैरियर के नाम पर बच्चे 30 की उम्र पार जाते हैं। फिर हमें सुनने को मिलता है। इसकी लडक़ी उसके साथ भाग गई उसकी लडक़ी को उसका लडक़ा भाग ले गया। यदि बेटा बेटी की शादी समय पर की जाएगी तो यह भाग दौड़ भी बंद हो जाएगी। यह विचार साध्वी अंजलि ने राष्ट्रकथा एवं कृष्ण कथा के तीसरे दिवस रविवार को व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सत्ता के लोभ में कंस ने अपनी बहन की सात नवजात बेटियों को खत्म कर दिया। पन्नाधाय के बेटे चंदन को मारने की कोशिश की गई। न जाने ऐसे कितने उदाहरण हैं कि सत्ता के लिए लोगों को मौत के घाट उतारा गया। आज भी यह कृत्य रुक नहीं रहा है।
बेटियों को लेकर उन्होंने कहा कि हमें ऐसी बेटी नहीं चाहिए जो इंस्टा पर अर्धनग्न होकर नाचे या अपने टुकड़े करा ले। हमें रानी लक्ष्मी बाई, कल्पना चावला, किरण बेदी, लता मंगेशकर, व्योमिका सूफिया जैसी बेटियां चाहिए जो समूचे देश का मस्तक ऊंचा कर दें। जो बेटी अपने विचारों पर अडिग है वह घर में रहे या दुनिया के किसी भी कोने में. उसका चारित्रिक पतन नहीं होता। वह देश समाज और राष्ट्र का नाम ऊंचा करती है। उन्होंने कहा कि अच्छी बेटी अच्छी ग्रहणी बनती है और ग्रहणी से घर बनता है ग्रहणी विषय विद्वान और क्रांति को पैदा कर सकती है। इस मौके पर कुंअर पाराशर दिवाकर शर्मा संगीता शर्मा चंद्रशेखर शर्मा केशव मुनि निखिल चौहान मुकेश शर्मा अजय शर्मा सहित शेखर और राष्ट्र प्रेमी एवं धर्म प्रेमी श्रोता मौजूद रहे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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