एचडीएफसी बैंक ने छोटे व्यवसायों के लिए भारत का पहला इंस्टैंट डिजिटल स्टोरफ्रंट क्यूआर, माई बिजऩेस क्यूआर लॉन्च किया

Oct 09 2025

ग्वालियर।  एचडीएफसी बैंक ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2025 में माई बिजनेस क्यूआर के लॉन्च की घोषणा की। माई बिजऩेस क्यूआर छोटे व्यवसायों के लिए भारत का पहला कॉमर्स आइडेंटिटी क्यूआर है। इसे बैंक के लोकप्रिय स्मार्टहब व्यापार मर्चेंट ऐप के विस्तार के रूप में व्यापरीफाई के साथ साझेदारी में लॉन्च किया गया है, जिसका उपयोग देश भर में 20 लाख से ज़्यादा व्यापारी करते हैं।
 यह अनूठा क्यूआर भारत की दो लोकप्रिय डिजिटल आदतों क्यूआर भुगतान और चैट को मिलाकर एक सुविधाजनक जुड़ाव आधारित ऑनलाइन खरीदारी अनुभव प्रदान करता है। माई बिजऩेस क्यूआर के साथ, व्यापारी एक डिजिटल बिजऩेस प्रोफ़ाइल बना सकते हैं जो ऑनलाइन कॉमर्स-रेडी स्टोरफ्रंट के रूप में भी काम करती है। माई बिजनेस क्यूआर सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़्ड लिस्टिंग के माध्यम से व्यापारियों को और भी ज़्यादा खोज योग्य बनाता है, जिससे ग्राहक उत्पादों और सेवाओं के लिए तुरंत, सुरक्षित तरीके से ऑर्डर और भुगतान कर सकते हैं।
एचडीएफसी बैंक की यह पेशकश एसएमई को बड़े निवेश, जटिल उपकरणों या तकनीकी कौशल की आवश्यकता के बिना, स्थानीय डिजिटल कॉमर्स का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने में मदद करेगी।
एचडीएफसी बैंक के रजनीश प्रभु ने कहा, एचडीएफसी बैंक में हमारा विजऩ प्रत्येक व्यापारी को ऐसी तकनीक से सशक्त बनाना है जो उनके व्यवसाय के विकास में मदद करे और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाए। हमारे स्मार्टहब व्यापार ऐप के साथ, हमने व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकृति को सरल बनाया है और अब माई बिजऩेस क्यूआर के साथ, हम एक ऐसा समाधान पेश कर रहे हैं जो व्यापारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपने व्यवसाय के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक आधार प्रदान करता है। जीएफएफ में यह लॉन्च सरल, समावेशी तकनीकी समाधानों के माध्यम से छोटे व्यवसायों को बढऩे में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
व्यापरीफाई की संस्थापक रूबी जैन ने कहा, व्यापरीफाई में हमारा मिशन हर छोटे व्यवसाय को एक सरल डिजिटल पहचान प्रदान करना रहा है जिसे ग्राहक खोज सकें, सहेज सकें और उससे जुड़ सकें। एचडीएफसी बैंक के साथ मिलकर, हम भारत के व्यापारियों के लिए उद्योग में पहली बार कॉमर्स आइडेंटिटी क्यूआर ला रहे हैं, जो एक ऐसा माध्यम जो उनकी पहचान, खोज, जुड़ाव और वाणिज्य को एक साथ लाता है। यह सिफऱ् तकनीक नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि लाखों स्थानीय व्यवसाय उसी डिजिटल इकोसिस्टम में फल-फूल सकें जिसमें ग्राहक पहले से ही रह रहे हैं।
एचडीएफसी बैंक ने जीएफएफ 2025 में यूपीआई और भारत के डिजिटल रुपए पर आधारित अगली पीढ़ी के भुगतान समाधानों की एक श्रृंखला भी पेश की ताकि रोज़मर्रा के लेन-देन को सरल और सुरक्षित बनाया जा सके।