दीपावली के बाद संगीत पर्यटन पर ग्वालियर आयेंगे, अलाउददीन खा और संस्कृति विभाग के अधिकारी
Oct 08 2025
ग्वालियर। ग्वालियर में होने वाले प्रसिद्ध तानसेन समारोह का यह सौवां वर्ष चल रहा है। इसे लेकर जहां ग्वालियर में विगत 2023 में 1500 से अधिक तबला वादकों ने प्रस्तुति देकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया था। उसके बाद 2024 में तानसेन समारोह के सौ वर्ष पर पूरे वर्ष भर कार्यक्रम करने की घोषणा की थी। लेकिन यह घोषणा सिर्फ कागजी बनकर रह गई। संगीत सम्राट के सौ वे वर्ष को संस्कृति मंत्रालय ने हल्के में लेकर संगीत सम्राट की गरिमा को चोट पहुचाई वहीं तानसेन समारोह के स्तर को भी हल्का उसकी गरिमा को तार तार कर दिया।
इस कार्यक्रम में ना तो श्रोता पहुंचे ना ही कोई अतिथि को बुलाया गया। हां उर्जा मंत्री एवं स्थानीय विधायक प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही जब पत्रकारों ने कुछ विरोध जताया तो संस्कृति विभाग और अलाउददीन खान अकादमी के लोगों ने पत्रकार वार्ता की और संगीत सम्राट की गरिमा के अनुसार वर्ष भर कार्यक्रम करने को कहा। लेकिन तानसेन समारोह समाप्त होने के बाद से संस्कृति विभाग के अधिकारी तानसेन को भूल गये।
अब प्रतिवर्ष होने वाला तानसेन संगीत समारोह फिर दिसंबर माह में आयोजित होगा। इसकी तैयारी को लेकर अब दीपावली के बाद संगीत पर्यटन पर फिर संस्कृति विभाग के लोग आयेंगे।
ज्ञातव्य है कि इससे पहले अलाउददीन खा अकादमी के लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों को भी संगीत पर्यटन के नाम पर आगरा जयपुर की सैर कराते रहे है। इतना ही नहीं बडे बडे होटलों के बिल भी इन लोगों के नाम पर कटवाये और संस्कृति विभाग ने उसका भुगतान किया है। लेकिन कोई इस मामले में ना सुनने वाला है और ना ही देखने वाला। वहीं ग्वालियर के कलेक्टर कमिश्नर को भी इतनी फुर्सत नहीं है कि वह कभी इस बात को देखें कि कौन किस ग्रेड का संगीतज्ञ आ रहा है उसे कहां ठहराया जा रहा है।
इतना ही नहीं यदि वह जयपुर या आगरा से आ रहा है तो उसे कौन लेने गया है। क्योंकि संस्कृति विभाग अपने चंद लोगों को भोपाल से लाकर संगीत सम्राट का कार्यक्रम संपन्न करा कर वाह वाही लूटने का प्रयास करते है। सूत्र बताते है कि संस्कृति विभाग ने तानसेन समारोह पर उचित ध्यान नहीं दिया इससे उसकी गरिमा गिर रही है और अब श्रोता भी बहुत कम सुनने आ रहे है जबकि ग्वालियर वल्र्ड संगीत हेरीटेज में शामिल हो गया है। ऐसे में संस्कृति विभाग की उपेक्षा से प्रख्यात तानसेन समारोह की गरिमा तार तार हो रही है। संस्कृति विभाग ने वर्ष भर कार्यक्रम नहीं करके भी संगीत सम्राट की गरिमा को गिराया है। इसके लिये संस्कृति विभाग और अलाउददीन खा अकादमी को संगीत सम्राट की समाधि पर माफी मांगना चाहिये।
संपादक
Rajesh Jaiswal
9425401405
rajeshgwl9@gmail.com
MP Info News
Invalid RSS feed URL.
ब्रेकिंग न्यूज़
विज़िटर संख्या
अन्य ख़बरें
-
-
-
*हेमू कालानी जन्मोत्सव मिष्ठान वितरण कर बनाया* *
—03/23/2019 -









