नि:शक्तजन एक्ट लागू करने सीजेआई को लिखा पत्र

Oct 07 2025

ग्वालियर। केन्द्र सरकार द्वारा देश में विकलांग जनों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नि:शक्त जन एक्ट 2016 लागू करने के लिए समाजसेवी एवं राष्ट्रीय शसक्त आत्मनिर्भर ट्रस्ट के सलाहकार अनूप जौहरी ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस वीआर गवई को पत्र लिखकर मांग की है। 
पत्र में उन्होंने बताया है कि 1995 नि:शक्त जन एक्ट अधिनियम की धारा 62 के अंतर्गत विकलांग जनों को समान अवसर अधिकारों की सुरक्षा और समाज में समान अधिकार पूर्ण संरक्षण भागीदारी और उन पर होने वाले अत्याचारों पर अंकुश लगाए जाने के लिए कानून बनाया गया था। जिसे और मजबूती प्रदान किए जाने के लिए मौजूदा केन्द्र सरकार ने उक्त बनाए गए कानून को और प्रभावी बनाने के लिए 2016 में नि:शक्त जन एक्ट 2016-17 बनाया है। जिसे आज तक मध्यप्रदेश में लागू नहीं किया गया है। 
जिससे प्रदेश में विकलांग जनों पर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है, थानों में भी विकलांगों की कोई सुनवाई नहीं होती। वही सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नाम पर मात्र 600 रुपए ही दिए जाते हैं, जो कि अन्य राज्यों से बहुत ही कम हैं। जौहरी ने पत्र में आग्रह किया है कि इन दोनों मामलों को शीघ्र लागू कराए जाने के लिए इसे स्वत: अपने संज्ञान में लेते हुए प्रदेश सरकार को कड़ाई से पालन करने के लिए आदेश जारी करने की कृपा करें।