राम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर सभ्य और स्वस्थ समाज का निर्माण करें: शर्मा

Oct 06 2025

ग्वालियर। आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के चरित्र को लिपिबद्ध करते हुए समाज के सामने उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया है। भगवान राम को आदर्श संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणापुंज है। हमें अभी को संकल्प लेना चाहिए कि हम अभी भगवान राम के आदर्शो को जीवन चरित्र में अपनाएं। एक सभ्य और स्वस्थ समाज का निर्माण करें। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समरसता विभाग प्रमुख सुधीर शर्मा ने कही। 
यह बात सोमवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के भाषा अध्ययनशाला केंद्र में महर्षि वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी एवं समरसता सम्मान समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में कही। मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह थे। अध्यक्षता आरजीपीवी की ईसी मेंबर डॉ. संगीता कटारे ने की। विशिष्ट अतिथि जेयू के कार्यपरिषद सदस्य डॉ. रवि अम्बे, डीसीसीसी प्रो. शांतिदेव सिसोदिया, अध्यक्ष स्थायी कर्मी संघ यतेंद्र शर्मा, प्रांत सचिव संस्कार भारती दिनेश चंद्र दुबे, जिला सचिव डॉ. चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार, पूर्व ईसी मेंबर प्रदीप शर्मा, संजय यादव, वीरेंद्र सिंह गुर्जर एवं भाषा अध्ययनशाला केंद्र समन्वयक डॉ. नवनीत गरुड थे। 
अध्यक्षता कर रहीं डॉ. संगीता कटारे ने कहा कि जिस तरह हम भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरित होते हैं, उसी तरह संघ के स्वयंसेवक समाज में सामाजिक समरसता व परिवर्तन का काम कर रहे हैं। समरसता से ही समाज में दूरियां मिट जायेगी। मुख्य अतिथि प्रो. राकेश कुशवाह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम के जन्म से पहले ही रामायण की रचना कर दी थी। हमें महर्षि वाल्मीकि से प्रेरणा लेना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. रवि अम्बे ने कहा कि हमारे समाज में राम राज्य की संपूर्ण भावना महर्षि वाल्मीकि ने प्रस्तुत की है। डॉ. चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने हिंदू धर्म की अमर कृति महाकाव्य रामायण की रचना की है। यह महाकाव्य काव्य न होकर भगवान श्रीराम के जीवन से संबंधित सजीव इतिहास है। इसके अलावा अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे।
इस मौके पर मंचासीन अतिथियों ने स्वराज कागोरिया, मुख्तयार सिंह यादव, वंदना शर्मा, रीना राणा, एड. शिवराज कटारे, उदयभान रजक सहित अन्य लोगों को समरसता सम्मान दिया। संचालन विहिप मध्य भारत प्रांत के समरसता विभाग सदस्य राजेश कटारे ने किया। कार्यक्रम में डॉ. धर्मेंद्र भदौरिया, डॉ. वंदना भदौरिया, डॉ. रचना राठौड़, डॉ. पूजा सिंह, डॉ. रानी भार्गव, डॉ. ज्योत्सना सिंह, डॉ. मंजू चौहान, डॉ. पूजा वर्मा, वेदवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।