आप अपनी सोच परिवार के प्रति, धर्म, समाज ओर देश के प्रति अच्छी बनाए-आचार्यश्री

Oct 01 2025

ग्वालियर। हम अपनी सोच को अच्छा बनाएं। आप अपनी सोच को परिवार के प्रति, धर्म के प्रति समाज के प्रति ओर देश के प्रति अच्छी बनाए। जब हमारी सोच अच्छी नहीं होगी तो हमारा धर्म, समाज और देश का विकास कभी भी आगे मार्ग पर नहीं बढ़ेगा। हमारी सोच बहुत छोटी होगी तो सारे काम छोटे होगे। हम सोचते हैं कि हमारा धर्म का नाश हो रहा है मगर नहीं हमारा धर्म का विकास आज भी हे कल भी हे और आगे भी रहेगा। यह विचार आचार्य श्री सुबल सागर महाराज ने बुधवार को दिगंबर लाला गोकुल चंद्र जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने कहा कि अगर धर्म का विकास करना है तो हर व्यक्ति को अपने पास पानी का छानने का छन्न रखो। यदि आप जैन हो तो कहीं भी आओ तो पानी को छन्ने से छानकर पिए ताकि आपके आसपास जो व्यक्ति होगे तो कहेंगे ये जैन साहब है।आप अपने घर से शुद्ध भोजन ओर पानी छानने का उपयोग कही करोगे तो देखने वाला व्यक्ति कहेंगे जैन साहब है तो समझ जाना आपके धर्म का विकास हो रहा है। धर्म के विकास में जब व्यक्ति जैन परंपरा को निभाता है तो पूरे विश्व ने जैन धर्म की संस्कृति गूंजने लगती है। धर्म संस्कार से ही धर्म के विकास की भूमिका सर्वश्रेष्ठ है।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आज 2 अक्टूबर को सुबह 8 बजे आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ का मुरार सकल जैन समाज की ओर से मंगल प्रवेश धूमधाम के साथ होगा।