कलेक्टर ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों का किया सम्मान

Oct 01 2025

ग्वालियर। अंतरर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हमें याद दिलाता है कि बुजुर्ग हमारे समाज की मजबूत जड़ें हैं। उनके पास अनुभव, संस्कार और जीवन की गहरी सीख होती है। उनका सम्मान करना सिर्फ एक दिन की औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी आदत होनी चाहिए। हमें ऐसा माहौल बनाना है, जहां उनके चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान और दिल में उल्लास बना रहे। हमारे बुजुर्गों के पास जीवन के अनुभवों का खजाना है। उनके संघर्षों और प्रेम से हमारी जिंदगी को आकार दिया और वे आज भी हमारे समाज का आधार हैं।
इसीलिए जरूरत है कि हम अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें और उनके साथ कुछ अच्छा वक्त बिताएं। यह बात बुधवार को वृद्धजन दिवस पर मंगल आश्रम थाटीपुर में आयोजित वृद्धजनों के सम्मान समारोह में कलेक्टर रूचिका चौहान ने वृद्धजनों का सम्मान करते हुये कही।
एक अक्टूबर को अंतरर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर जिला मुख्यालयों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया। दिवस का प्रमुख उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें समावेशी भविष्य के निर्माण में सशक्त पहचान दिलाना है।
कार्यक्रम की थीम समावेशी भविष्य के लिए वृद्धजन की पहचान को सशक्त बनाना निर्धारित की गई है। जिला स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद सत्र एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित किया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य वृद्धजन केवल परिवार और समाज के अनुभव का आधार ही नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदारी के माध्यम से समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। विशेष आकर्षण के रूप में प्रत्येक जिले में शतायु सम्मान का आयोजन किया, जिसमें वृद्धजनों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया। इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश देना है।