रामलीला में श्रीराम ने तोड़ा शिवजी का धनुष

Sep 25 2025

ग्वालियर। नव दुर्गा रामलीला सेवा समिति सेक्टर-सी दीनदयाल नगर में चल रही रामलीला मंचन के तीसरे दिन भगवान श्रीराम की पुष्पवाटिका, धनुषयज्ञ एवं शिव धनुष भंग की लीलाओं का भव्य मंचन हुआ।
कथा में दर्शकों ने देखा कि गुरुदेव की पूजा हेतु पुष्प लेने राम पुष्पवाटिका पहुँचे, जहां उनकी भेंट माता सीता से हुई और दोनों एक-दूसरे में खो गए। तत्पश्चात जनकपुर में धनुषयज्ञ का आयोजन हुआ। अनेक देशों से आए राजा-महाराजाओं ने शिव धनुष उठाने का प्रयास किया, किंतु असफल रहे। राजा जनक की व्यथा सुनकर मुनि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने शिव धनुष भंग किया। 
इसी के साथ माता सीता ने श्रीराम को वरमाला पहनाई और पूरा पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। मंच पर देवी-देवताओं की पुष्पवृष्टि का दृश्य दर्शकों के लिए अलौकिक अनुभव रहा।
धनुष भंग का समाचार सुनकर भगवान परशुराम सभा में पहुंचे। परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए जोशीले संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। अंतत: भगवान श्रीराम की विनम्र वाणी से परशुराम का क्रोध शांत हुआ और कथा का समापन भक्तिभाव से हुआ।