फूलबाग मैदान में रामलीला आरंभ

Sep 23 2025

ग्वालियर। रामलीला समारोह समिति लश्कर द्वारा आयोजित रामलीला समारोह में पहले दिन फूलबाग मैदान में शिव-पार्वती संवाद और नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। जिसमें नारद भ्रमण करते हुए एक स्थान पर पहुंचते हैं और ध्यान लगाकर तपस्या में लीन हो जाते हैं। उनकी तपस्या से इन्द्र का सिंहासन हिल उठता है। जिससे वह भयभीत होकर कामदेव तथा अप्सराओं को लेकर नारद मुनि की तपस्या भंग करने पहुंचते हैं। लेकिन कामदेव तथा अप्सराए उनकी तपस्या को भंग नहीं कर पाते।
नारद मुनि को लगता है कि उन्होने बड़ा काम किया है, परिणामस्वरूप उन्हें अभिमान आ जाता है। सभी लोग भगवान विष्णु से सहायता मांगते हैं तथा विष्णु, मुनि के अभिमान को तोडऩे के लिए लीला रचते हैं। नारद मुनि को विवाह करने की इच्छा होती हैं और वे विष्णु से हरि रूप मांगते हैं। वे कहते हैं कि मैं वहीं काम करूंगा जो तुम्हारे हित में होगा और वे उन्हें वानर का रूप प्रदान करते हैं, जिससे वे स्वयंवर में हंसी का पात्र बन जाते हैं।
भगवान विष्णु राजकुमारी से विवाह कर ले जाते हैं, जिससे नारद क्रोधित होते हैं और भगवान विष्णु को श्राप देते हैं कि वह भी एक दिन नारी के लिए तड़पोगे, तुम तब ये वानर रूप जो आपने मुझे दिया, है वे ही तुम्हारे काम आएगा।