सुख के लिए हमें धर्म का पालन करना होगा-आचार्यश्री

Sep 22 2025

ग्वालियर। आचार्यश्री सुबल सागर महाराज का ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश शिंदे की छावनी स्थित दिगंबर शांतिनाथ जैन मंदिर में सकल जैन समाज के द्वारा बैड बाजों के साथ करवाया। आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ नई  सडक़ चंपाबाग धर्मशाला से  शिंदे की छावनी शांतिनाथ जैन मंदिर तक पाद यात्रा करते हुए पहुंचे।
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि श्रमण आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ससंघ की मंगल प्रवेश शोभायात्रा निकाली गई। यह मंगल प्रवेश नई सडक़ से जैन समाज के लोगो आचार्यश्री सुबल सागर महाराज की आगवानी के साथ नाचते झूमते हुए की। आचार्यश्री के जगह जगह जैन समाज के लोगो ने रंगोली सजाकर उनके चरणों का जल से पाद प्रक्षालन कर मंगल दीपकों से आरती उतारकर आशिर्वाद लिया।
आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास हमें शक्ति का अहसास कराता है। आत्मविश्वास के अभाव में मनुष्य आगे नहीं बढ़ सकता। आत्मविश्वास ही मनुष्य को चरम पर पहुंचा सकता है। इसके लिए वैसा आचरण भी करना होता है। जैन धर्म केवल विश्वास की बात नहीं करता, विश्वास के साथ आचरण की बात भी करता है।संसार में सभी लोग सुख चाहते हैं। सुख के लिए हमें धर्म का पालन करना होगा।