पितृ परिवार को आशीष दे विदा हुए

Sep 21 2025

ग्वालियर। परिवार पर पूर्वजों का आशीर्वाद बना रहे इसके लिए सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर लोगों ने परिजनों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया। रविवार को सूरज की किरण फूटने से पहले पुरखों को पानी देने और पिण्डदान करने के लिए जलाशयों पर भीड़ लग गई। वहीं गंगादास की बड़ी शाला और कंपू स्थित गायत्री शक्ति पीठ भवन में सामूहिक तर्पण विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया।
लोग रविवार को सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर पूर्वजों को को पानी देते हुए विधि विधान के साथ पिंडदान कर रहे है। जिससे उनका आशीर्वाद परिजनों और आने वाली पीढ़ी पर बना रहे। भोर होते ही शहर के जलाशयों पर तर्पण के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार सुबह से पुरखों को विदा करने के लिए जलाशयों पर तर्पण करने वालों की भीड़ लगी हुई है। वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ तर्पण ब्राह्मण करा रहे है और गाय, कुत्ते व कौवे को भोजन कराने के साथ ही ब्राह्मणों को खाना खिलाकर दक्षिणा दी जा रही है जिससे पितरों का आशीर्वाद बना रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार से कराया तर्पण
रविवार सुबह कटोराताल में विधि विधान व मंत्रोच्चार के बीच विद्वान ब्राह्मणों ने तर्पण कार्य कराया। इसके साथ ही पिण्डदान भी हुआ। यहां पर पितरों को विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचना शुरू हो गए। इसके अलावा सावरकर सरोवर के छोटे ताल, जनकताल, सागरताल, लक्ष्मण तलैया सहित सभी जलाशयों पर तर्पण करने के लिए भीड़ लगी हुई है। सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर ऐसे पूर्वजों के निमित भी तर्पण व पिंडदान किया गया, जिनके निधन की तिथि उनके परिजनों को ज्ञात नहीं है।