यदि नशा करना ही है भगवान की भक्ति का करो: रसराज मृदुल

Sep 15 2025

ग्वालियर। माधव मंगलम गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें और अंतिम दिन भागवताचार्य रसराज मृदुल महाराज ने कहा की सातवें दिन की भागवत कथा सुनने से पूरे सप्ताह की कथा का फल प्राप्त होता है। यह कथा जीवन को पवित्र और सन्मार्ग पर चलने में सहायक होती है जिन लोगों के जीवन में भागवत कथा या धर्म का समावेश नहीं होता उनके जीवन में कोई ना कोई विध्न अवश्य आता है।
उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा सुदामा निर्धन नहीं थे उनके पास भौतिक संसाधन भले ही ना हो लेकिन संतोष धन था जिसके पास संतोष धन होता है वही धनी होता है सुदामा चरित्र का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि जिनकी मित्रता की मिसाल आज भी दी जाती है आप सोचो कृष्ण सुदामा की मित्रता कितनी महान रही होगी आज हम मित्रता का भाव नहीं समझ रहे हैं व्यक्ति।
आज लोगों के पास धन तो है फिर भी भगवान का भजन नहीं कर पा रहे हैं उन्होंने कहा की भागवत में भले ही भंडारा ना करो लेकिन गौ माता के लिए गौ चारे की व्यवस्था जरूर करनी चाहिए। उन्होंने कहा जीवन में यदि धन आ जाए तो अच्छे काम में जरूर सहयोग करना चाहिए।
 व्यास पीठ से महाराज ने कहा सच्चा मित्र वही है जो आपकी हालत न देखकर आपके दिल और मन को समझे। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा की हालत देखकर सब कुछ समझ लिया और बड़ी सूझबूझ से उन्होंने जो मु_ी चूउड़े फंकी मार कर सुदामा की गरीबी को मिटा दिया यही नहीं उनके चरण भी अपने आसुओं से धोएं सुदामा चरित्र में मित्रता का महत्व बताता है।