सोमवार सुबह मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुले मंदिरों के पट

Sep 08 2025

ग्वालियर। गत रोज वर्ष के अंतिम चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र ग्रहण के चलते रविवार दोपहर 12:30 बजे से बंद मंदिर के पट 18 घंटे के बाद सोमवार सुबह मंगला आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा की रात पड़े खग्रास चंद्र ग्रहण के बाद सोमवार सुबह मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह होते ही मंदिरों की धुलाई हुई। गंगा जल से मंदिरों की शुद्धि के बाद मंदिरों के पट खोले गए। ग्रहण के चलते सभी मंदिरों के पट गत रोज रविवार दोपहर में ही बंद कर दिए गए थे।
ग्रहण के चलते बीते रोज शहर की सडक़ों पर आवाजाही व चहल-पहल अन्य दिनों की अपेक्षा काफी कम थी। वैदिक विद्वानों की सलाह पर अधिकांश लोग ग्रहण अवधि में घरों से बाहर नहीं निकले। जिनके लिए आवश्यक था, वे ही बाहर निकले। उल्लेखनीय है कि बीती रात 9.57 से 01.27 बजे तक साढ़े तीन घंटे का खग्रास चंद्र ग्रहण रहा।
शहर के प्रमुख मंदिर सनातन धर्म मंदिर, राम मंदिर, अचलेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों के सूतक काल से पहले मंदिरों में पूजा-पाठ के बाद कपाट बंद कर दिए थे। चंद्र ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। सूतक काल से ही मंदिरों में दर्शन बंद कर दिया जाता है और ग्रहण खत्म होने के बाद ही भगवान के दर्शन की अनुमति दी जाती है। श्रद्धालु भगवान के स्मरण में लीन हो गए। गृहस्थों ने घर में रहकर ग्रहण की शुरुआत से मध्यरात्रि तक पूजा-पाठ किया।