त्याग संयम को अपना आदर्श नहीं बनाओगे, आप मोक्ष मार्ग पर नहीं चल सकते-आचार्यश्री

Sep 02 2025

आचार्यश्री सुबल सागर महाराज ने उत्तम सत्य पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक त्याग संयम को अपना आदर्श नही बनाओगे एवं अपनी लाईफ स्टाईल में परिवर्तन नहीं करोगे तब तक आप मोक्ष मार्ग पर नहीं चल सकते। उत्तम संयम का मार्ग सबसे कठिन होता है। बिना संयम का मनुष्य पशु के समान है जीवन में मनुष्य ही संयम ले सकता है देवों में भी संयम नहीं मिलता संयम के बिना मनुष्य की गाड़ी बिना ब्रेक वाली गाड़ी होती है बिना संयम धर्म के खाली खोखे होता है इस प्रकार मनुष्य का जीवन 84 लाख योनि के बाद मनुष्य जीवन प्राप्त हुआ है।संयम ही जीवन का श्रृंगार है। मनुष्य संयम धारण कर सकता है, इसलिए समस्त जीवों में वह श्रेष्ठ है। जिसके जीवन में संयम नहीं, उसका जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी जैसा है।  प्रवचन से पहले आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन ओर शास्त्र भेंट सौधर्म इंद्र केशरीमल मुकेश जैन परिवार ने किए।