भोलेनाथ के तेज एवं पार्वती मैया के शरीर उबटन पिंड से जन्मे थे भगवान गणेश
Sep 02 2025
ग्वालियर। खाटू श्याम मंदिर राधा की हवेली पर चल रहे 14वें वार्षिक महोत्सव पर शिव पुराण के पांचवें दिन की कथा में व्यास पीठ से पंडित सतीश कौशिक ने बताया शिव पार्वती विवाह के उपरांत माता पार्वती की सुंदरता से भगवान शंकर में तेज आया, इस तेज से गर्म पिंड बना इसे राक्षस तारकासुर अपने साथ ले गया। जब इस पिंड का तेज तारकासुर नहीं सह पाया। तब यह जंगल में गिरा इसके उपरांत भगवान कार्तिकेय पिंड से जन्मे और कार्तिकेय ने बाद में राक्षस तारकासुर का वध किया।
आगे की कथा में उन्होंने बताया की भोलेनाथ तपस्या में लीन रहते थे पार्वती मैया की साखियां पार्वती मैया का उबटन कर रही थी और इस उबटन से एक पिंड तैयार किया और पिंड के अंदर आदि शक्ति मां पार्वती ने अपने पुत्र के रूप में गणेश भगवान को जन्म दिया। इसके बाद उन्हें आज्ञा दी कि उनकी इजाजत के बिना उनसे कोई ना मिल पाए। इस तरह भगवान गणेश मां के पहरेदार बन गए थे और इसी पहरेदारी ने पिता पुत्र का युद्ध कराया। उसके बाद जब भोलेनाथ को पता लगा कि भगवान गणेश को माता पार्वती ने जन्म दिया है, उन्हें हाथी का शीश लगाकर सर्वप्रथम पूजा होने का वरदान दिया।
मीडिया प्रभारी शिरीष गुप्ता गुड्डू भैया ने बताया आज 3 सितंबर को नानी बाई का मायरा नरसी का भात कथा का मंचन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक मंदिर परिसर में सतीश कौशिक के साथ किया जाएगा।
इसके उपरांत अभिमन्यु चौहान, तरुण बंसल, गोपाल अग्रवाल, मनोज भार्गव, दिनेश गर्ग, उदय अग्रवाल, मनीष शर्मा, मनोज लक्ष्मी कुशवाह, कल्पना सविता भानू चित्तोडिया आदि मिलकर एकादशी की ज्योत जलाकर रात 8 बजे से स्थानीय कलाकार कीर्तन करेंगे।
संपादक
Rajesh Jaiswal
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