नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, कृष्ण जन्म पर झूमकर नाचे श्रद्धालु

Aug 31 2025

ग्वालियर। जीबायएमसी मैदान पर चल रही भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य जगतगुरू रामानंदाचार्य दिनेशाचार्य ने कहा कि मनुष्य जीवन भर भगवान का नाम नहीं लेता है और मृत्यु के समय भगवान को याद करता है। मृत्यु के समय मनुष्य के पास तीन चीज होती है। पित्त कफ और बात मरते समय गंगाजल मुंह में डालने से वह अंदर नहीं जाता है क्योंकि यम के दूत उसके गले को पकड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने प्रारब्ध का भोग भोगना ही पड़ता है। 
उन्होंने व्यास गद्दी से कहा पूजा तप त्याग से भगवत प्राप्ति नहीं होती है जब तक किसी महापुरुष का सानिध्य प्राप्त न हो तथा घर छोडऩे से भगवत प्राप्ति हो यह संभव नहीं है उन्होंने कहा कि संसार के प्रत्येक मनुष्य को गाय को चारा मछली को आटा तथा गर्मी के समय पर छत पर दाना पानी की व्यवस्था करना चाहिए। उन्होंने भक्त प्रहलाद की भक्ति का वर्णन किया की किस प्रकार हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र को करने का प्रयास किया लेकिन हर बार श्रीमन नारायण की भक्ति ने उसे बचाया। 
भागवताचार्य में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालुओं के भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा पंडाल जयकारो से गूंज उठा उन्होंने देव की वासुदेव के संतानों की उत्पत्ति कंस का अत्याचार और श्रीकृष्ण के प्राकट्य बताया की भाद्र मास अष्टमी को पहरेदार रात को सो गए दो देवकी के गर्भ से भगवान श्री कृष्ण का अवतरण हुआ तो जेल में अलौकिक प्रकाश फैल गया द्वारा अपने आप खुल गए और वासुदेव नन्हे श्यामसुंदर को यमुना पार गोकुल में छोड़ आए जन्मोत्सव की कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए और भजन कीर्तन के बीच झूमने लगे।
तत्पश्चात परीक्षित श्रीमती शकुंतला श्रीमती ज्योति अनिल ममता अनूप शिवहरे एडवोकेट श्रीमती लक्ष्मी रिंकेश श्रीमती रीना नरेंद्र श्रीमती प्रियंका अंकित श्रीमती सुनीता शिव कुमार श्रीमती अर्चना धर्मेंद्र शिवहरे आदि ने भगवान कृष्ण की आरती की तथाभागवत महापुराण की आरती की उसके बाद प्रसादी वितरण किया गया।