ग्वालियर में मुख्यमंत्री यादव ने किया ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट का भूमिपूजन

Aug 31 2025

ग्वालियर। भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने की ओर एक बड़ा कदम उठाते हुए जीएचडब्ल्यू सोलर लिमिटेड ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपने आगामी इलेक्ट्रोलाइजऱ निर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित भूमि पूजन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने भाग लिया और परियोजना की औपचारिक शुरुआत की। समारोह में मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस परियोजना को मध्य भारत में हरित ऊर्जा क्रांति की मजबूत नींव बताया और राज्य की इस दिशा में प्रतिबद्धता को दोहराया। यह सयंत्र स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है।
कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया की एडवांस्ड हाइड्रोजन एनर्जी सॉल्यूशस (एएचईएस) के सीईओ प्रो. जाँग ही ली, और यूके स्थित प्रतिनिधि राइजोम एनर्जी के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। 
दोनों संस्थाएं इस परियोजना में जीएचडब्ल्यू सोलर लिमिटेड के साथ रणनीतिक साझेदार के रूप में जुड़ी हुई हैं और तकनीकी सहयोग, अनुसंधान व वैश्विक बाजारों तक पहुंच में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह संयंत्र प्रारंभ में 105 मेगावाट वार्षिक इलेक्ट्रोलाइजऱ निर्माण क्षमता के साथ शुरू होगा, जिसे भारत सरकार के कार्यक्रम के तहत 157.5 करोड़ रुपये की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन सब्सिडी का समर्थन प्राप्त है। जीएचडब्ल्यू सोलर लिमिटेड ने यह भी घोषणा की कि 2030 तक संयंत्र की क्षमता को 500 मेगावाट लक विस्तारित करने का रोडमैप तैयार किया गया है, जो दीर्घकालिक वृद्धि और मापनीयता को सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर जीएचडब्ल्यू सोलर लिमिटेड के संस्थापक एवं सीईओ अनुराग जैन ने कहा आज का भूमि पूजन केवल एक आधारशिला रखने का कार्य नहीं है, यह भारत के बढ़ते वैश्विक हरित हाइड्रोजन नेतृत्व का प्रतीक है और मध्य प्रदेश को हरित हाइड्रोजन निर्माण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है। राज्य की पहली हरित हाइड्रोजन फैक्ट्री की स्थापना के साथ हम ग्वालियर को हरित ऊर्जा निर्यात, भंडारण और वैश्विक साझेदारियों के नए अवसरों के लिए खोल रहे हैं। जो भारत के नेट-जीरो लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा। हम 2030 तक 500 मेगावाट इलेक्ट्रोलाइजऱ निर्माण क्षमता प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।