रामायण एक श्लोक में है भागवत चार श्लोक में है-रामदिनेशाचार्रय

Aug 30 2025

ग्वालियर। जीबायएमसी मैदान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी श्रीराम दिनेशाचार्य ने कहा की रामायण एक श्लोक में है और भागवत चार श्लोक में है। भगवान ने चार श्लोक का महत्व बताया वहीं उन्होंने श्री सृष्टि निर्माण कैसे हुआ का वृतांत सुनाते हुए कहा की ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की संसार को बनाने के लिए दो तत्वों की आवश्यकता होती है जिस प्रकार घड़ा बनाने के लिए मिट्टी की आवश्यकता होती है निमित्त बनाने वाला कुंभकार है और बनने वाली मिट्टी है इसी प्रकार संसार को बनाने के लिए परमात्मा की आवश्यकता है परमात्मा को बनाने के लिए संसार की आवश्यकता नहीं है। 

उन्होंने बाली का वृतांत सुनाते हुए कहा कि जब भगवान राम ने बाली का वध किया तब उसकी पत्नी तारा आ गई और उन्होंने प्रभु से कहा कि मेरे पति को क्यों मारा तब भगवान श्रीराम ने कहा मैंने शरीर को नहीं मारा संसार वाले शरीर देते हैं प्राण नहीं शरीर तो नित्य है जीव नित है उसके लिए दुखी नहीं होना चाहिए भवसागर से पार होने के लिए दो नाव हैं। श्रीराम और श्रीकृष्ण इसी प्रकार संसार के प्रत्येक व्यक्ति के पास दो नेत्र होते हैं एक बाहर का नेतृत्व और एक अंदर का नेतृत्व बाहर के नेत्र का इलाज है लेकिन भीतर के नेत्र का इलाज नहीं है भीतर का नेत्र आपको सजग करता है लेकिन आप उसे समझते नहीं है।
कथा में महाराज श्री ने व्यास गद्दी से कहा की कण-कण में भगवान का वास है उन्होंने भक्त ध्रुव और भक्त प्रहलाद का चित्रण समझाते हुए कहा की दुनिया के प्रत्येक कण में भगवान निवास करते हैं इसीलिए भगवान खंभे से प्रकट हुए उन्होंने मनु सतरूपा द्वारा सृष्टि की रचना का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा भक्त ब्राह्मण और साधु का कभी अपमान नहीं करना चाहिए भक्त भगवान का सच्चा सेवक होता है ब्राह्मण ज्ञान और धर्म का प्रतीक होता है और साधु त्याग एवं तपस्या की मूर्ति होता है इन तीनों का अपमान करने से व्यक्ति पाप का भागी बनता है।
कथा समापन पर परीक्षित श्रीमती शकुंतला श्रीमती ज्योति अनिल श्रीमती ममता अनूप शिवहरे एडवोकेट श्रीमती लक्ष्मी रिंकेश श्रीमती रीना नरेंद्र श्रीमती प्रियंका अंकित श्रीमती सुनीता शिवकुमार श्रीमती अर्चना धर्मेंद्र शिवहरे तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की आदरणीय बहन ज्योति दीदी चाहिए शहर के प्रबुद्ध गणमान्य नागरिक और काफी संख्या में मौजूद माता बहनों ने श्रीमद् भागवत महापुराण की आरती की आरती के उपरांत प्रसादी वितरण किया गया।