मौर विसर्जित करने गईं पांच सहेलियां डूबीं, 2 की मौत

Aug 30 2025

ग्वालियर। मौर छठ के मौके पर भाई की शादी का मौर विसर्जित करने गईं दो सहेलियों की खदान के गड्ढे में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई। दोनों एक ही मोहल्ले में रहती थीं। पानी में 5 किशोरियां उतरी थीं, जिनमें से 3 को बचा लिया गया, जबकि दोनों सहेलियां गहरे पानी में चली गई थीं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को देर शाम को शव तालाब में उतराते हुए मिले। पुलिस ने शव निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं दोनों शवों को पोस्ट मार्टम हाउस पहुंचावाया। शनिवार को पोस्ट मार्टम  कराकर शव परिजनों को सौप दिए।
घटना घाटीगांव सर्कल आरोन थाना क्षेत्र के भगवानपुरा गांव के पास खदान में सुबह 6 बजे हुई। भगवानपुरा की 17 वर्षीय सपना पुत्री दशरथ सिंह बंजारा अपनी 16 साल की सहेली ज्योति पुत्री महाराज सिंह बंजारा और अन्य सहेली सरोज, मनीषा, सकीना के साथ मौर विसर्जित करने तालाब रूपी खदान पर गई थीं। मौर विसर्जित करने के बाद वे दूसरी तरफ जाकर नहाने लगीं, तभी एक किशोरी का पैर फिसला और गहरे पानी में जाने लगी।
उसे बचाने के प्रयास में एक के बाद एक पांचों सहेली गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। घटना के समय तालाब के पास से एक किशोर  जा रहा था। उसने युवतियों को डूबते देखा तो किनारे पर रखी उन्हीं की साड़ी पानी में फेंक दी। जिसे तीन युवतियों ने पकड़ लिया और साड़ी के सहारे धीरे-धीरे किनारे लग गईं। जबकि दो किशोरी साड़ी नहीं पकड़ पाईं। घटनास्थल पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से सर्चिंग शुरू की, पर शव नहीं मिले, जो शाम को पानी पर उतराने लगे।
घटना का पता चलते ही स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरोन थाना प्रभारी अतुल सिंह चौहान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किशोरियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। लेकिन उससे पहले डूबी लड़कियों के शव पानी के ऊपर उतराते हुए मिल गए।
बताया गया है कि दोनों किशोरियों के घर पास-पास हैं और जो लड़कियां हादसे का शिकार होने से बची हैं वह भी पास में ही रहती हैं। एक मोहल्ले में दो किशोरियों की मौत से वहां पर मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों किशोरी काफी गहरी दोस्त थीं। एक-दूसरे को बचाने में ही दोनों की जान गई है।
 तीन किशोरियों की जान बचाने वाला किशोर 12 वर्षीय अंकित है। अपने से बड़ी किशोरियों की जान खतरे में देख वह अपनी जान की परवाह किए बगैर पानी में उतर गया। दरअसल, किनारे पर बांधी गई साड़ी किशोरियों तक नहीं पहुंच पा रही थी, इसलिए साड़ी पकडक़र वह पानी के अंदर पहुंचा और सरोज, मनीषा और सकीना को पकडक़र पानी से बाहर ले आया।
आरोन थाना प्रभारी अतुल सिंह चौहान का कहना है कि किशोरियां मौर विसर्जित करने गई थीं। हादसा एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में हुआ है। किशोर ने तीन की जान बचा ली, पर दो डूब गईं। शव निगरानी में लेकर पोस्ट मार्टम हाउस पहुंचा दिए हैं। शनिवार को पोस्ट मार्टम करा शव परिजनों को सौप दिए।