ग्वालियर के युवा कवियों शिवम और पलक ने किया बैराड़ में शौर्य गान

Aug 27 2025

ग्वालियर/ बैराड़। विश्व हिंदू परिषद का 61वां स्थापना दिवस समारोह बैराड़ में मनाया गया। इस मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के कवियों ने अपने काव्य से श्रोताओं को जोश, उत्साह और प्रेरणा से भर दिया। इस दौरान पलक सिकरवार की पंक्तियों ने देश की बेटियों को कांच की गुडिय़ा न समझें, पिघल जाएं तो मोम हैं, बिगड़ जाएं तो शमशीर हैं... ने लोगों को भावविभोर कर दिया।
पलक ने कहा कोमल कली कुसुम अब तुझको रण कौशल चुनना होगा, महिषासुर मर्दिनी रक्त पिपासु रण चण्डी बनना होगा, जाने कितने दैत्य मिलेंगे तुझे देव के चोले में, चुन चुनकर इन दुष्टों का तुझको ही मर्दन करना होगा। शिवम सिंह सिसौदिया ने अपनी कविता में देश में फैल रहे असामाजिक तत्वों, लव जिहाद, घुसपैठियों और इतिहास को तोडऩे वाले प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि हमने ज्ञान सभ्यता की दुनिया में जोत जलाई थी, तुमने उस पावन नालंदा को भी आग लगाई थी।दया धर्म और अभय का हमने हर संकल्प निभाया है, जब जब छल से माफी मांगी हमने प्राण बचाया है। लव जिहाद की आग में तुमने बेटी कई जलाई हैं, सूटकेस में काट, फ्रीज में, या फंदे लटकाईं हैं।
 इस अवसर पर कवि मुकेश मोलवा, आशुतोष शर्मा ओज, कुलदीप रंगीला, अंजली गुप्ता, प्रदीप अवस्थी, सौरभ सरस, श्याम बिहारी सरल और सतीश किंकर ने गीत और गजल से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्यपाठ के दौरान मंच संचालन आशुतोष शर्मा ने किया।
बजरंग दल बैराड़ के संयोजक प्रिंस प्रजापति ने कहा कि ऐसे आयोजनों से साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र प्रेम दोनों को बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रांत उपाध्यक्ष पप्पू वर्मा, प्रांत मातृशक्ति संयोजिका अनिता सिकरवार, विभाग संगठन मंत्री राजा सिसौदिया, विभाग सह संयोजक कुलदीप सिंह सिसौदिया, जिलाध्यक्ष रामसिंह यादव सहित हजारों कार्यकर्ता और श्रोता मौजूद थे।