भगवान विष्णु के भक्त सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार महान शासक थे-सुघर सिंह सूबेदार

Aug 26 2025

डबरा। भगवान विष्णु के भक्त सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार महान शासक थे। अरब आक्रमणों को रोकने में इनकी प्रमुख भूमिका रही थी। इनकी अश्वसेना उस समय की सर्वाधिक बलशाली सेना थी। हम सबको ऐसे वीर शासक पर गर्भ हैं। यह बात बीएसएफ के सेवानिवृत सूबेदार सुघर सिंह गुर्जर ने कही। मंगलवार को डबरा में सिरोही बरोठा मार्ग पर स्थित शीतला माता मंदिर पर पंचमहल गुर्जर संघ ने समारोह पूर्वक कार्यक्रम आयोजित कर सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार की 1208वी जयंती मनाई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुघर सिंह सूबेदार उपस्थित थे। पटिया वाले बाबा के जयकारों के साथ शुरू इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के साथ गुर्जर समाज के वरिष्ठजन एवं युवाओं ने सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें याद किया। इस दौरान कार्यक्रम में पटिया वाले बाबा के जयकारे गूंज उठे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुघर सिंह सूबेदार ने कहा कि सम्राट मिहिरभोज ने 836 ईस्वीं से 885 ईस्वीं तक 49 साल तक राज किया। मिहिरभोज प्रतिहार के साम्राज्य का विस्तार आज के मुल्तान से पश्चिम बंगाल तक और कश्मीर से कर्नाटक तक फेला हुआ था। ये धर्म रक्षक सम्राट भगवान विष्णु और शिव के परम भक्त थे। स्कंद पुराण के प्रभास खंड में सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार के जीवन के बारे में विवरण मिलता है। जिसमें मिहिरभोज को इस्लाम का सबसे बड़ा शत्रु बताया गया है। उन्होंने कहा कि हमें महान सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार पर गर्भ है। वहीं कार्यक्रम का संचालन कर रहे ब्रजमोहन गुर्जर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए सम्राट मिहिर भोज गुर्जर प्रतिहार के एतिहासिक कार्यों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। कार्यक्रम में शिक्षा पर जोर देते हुए कुरीतियां दूर करने को लेकर आवश्यक विचार विमर्श किया।
कार्यक्रम में हेमेंद्र सिंह कंसाना, रामेश्वर सिंह, सेवानिवृत शिक्षक होतम सिंह गुर्जर, पत्रकार रिंकू गुर्जर, महेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच बेताल सिंह, पारस गुर्जर, मझले सिंह, बंटी पटेल, रामवीर सिंह सहित सैकड़ो गुर्जर समाज के लोग उपस्थित थे।