लापता हुई अर्चना तिवारी नेपाल बॉर्डर के पास मिली

Aug 20 2025

ग्वालियर। नर्मदा एक्सप्रेस से रहस्यमय तरीके से लापता हुई छात्रा अर्चना तिवारी को जीआरपी ने लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया है। जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छात्रा नेपाल बॉर्डर के पास मिली है। 
 से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी काठमांडू घूमने गई थी और वहीं से लौटते समय पुलिस की पकड़ में आई। अब जीआरपी की टीम उसे भोपाल लेकर जा रही है।
कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। 7 अगस्त को वह इंदौर से कटनी जाने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच बी-3 में सवार हुई थी। लेकिन ट्रेन कटनी पहुंची तो उसकी सीट पर सिर्फ बैग मिला, जबकि छात्रा कहीं नहीं थी। इस घटना के बाद इंदौर, ग्वालियर, कटनी और भोपाल जीआरपी समेत जिला पुलिस बल और वन विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुट गईं। जंगलों तक में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन छात्रा का कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच जांच में ग्वालियर पुलिस आरक्षक राम तोमर का नाम सामने आया। कटनी जीआरपी और इंदौर पुलिस ने ग्वालियर में आकर राम तोमर से पूछताछ की। उसने बताया कि वह अर्चना से दो साल से संपर्क में था और उसी ने उसका टिकट बनवाया था। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया। 
जीआरपी को छात्रा की लोकेशन दिल्ली में मिली
ग्वालियर जीआरपी को छात्रा की लोकेशन दिल्ली के सरोजनी नगर में मिली थी। टीम वहां पहुंची, लेकिन पता चला कि छात्रा चार दिन पहले ही वहां से निकल चुकी थी। इसके बाद लगातार ट्रैकिंग करने पर पुलिस को लखीमपुर खीरी में उसके होने की जानकारी मिली। वहीं से उसे बरामद कर लिया गया। 
जीआरपी के अनुसार अर्चना इंदौर के एक युवक के साथ काठमांडू घूमने गई थी। काठमांडू से लौटते समय ही जीआरपी की टीम उस तक पहुंच सकी। फिलहाल उसे जीआरपी टीम हिरासत में लेकर भोपाल लेकर जा रही है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल जीआरपी और पुलिस की खोजी कार्यशैली को चुनौती दी, बल्कि छात्रा की रहस्यमय गुमशुदगी ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।