किसान त्रस्त, सत्ता मस्त और विपक्ष की मृत अवस्था

Aug 16 2025

भितरवार। क्षेत्र का अन्नदाता किसान इन दिनों खाद की समस्या से जूझ रहा है। खाद के लिए भटक रहे किसानों की ओर किसी का ध्यान नहीं हैं। विभिन्न सोसायटियों पर खाद लिए संघर्षरत किसान काफी दुखी हैं। परेशान किसानों के साथ कोई नहीं हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा। कि किसान त्रस्त, सत्ता मस्त और विपक्ष मृत अवस्था में। क्योंकि धान की फसल के लिए किसानों को समय पर आसानी से खाद उपलब्ध कराने के लिए सत्ताधारी दल भाजपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने कोई उपाय नहीं किए, और न यह जनप्रतिनिधि खाद वितरण में बरती जा रहीं अनियमितताओं पर किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए। 
वहीं खाद के लिए त्रस्त किसानों से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने भी दूरी बना रखी है। विधानसभा चुनाव की हार के सदमे बाहर नहीं निकल पाई कांग्रेस का किसानों की ओर से मुंह फेरना भी कई तरह के सवाल खड़े करता है। हालाकि दो साल से मरणासन्न हालत में पड़ी कांग्रेस पिछले दिनों आंतरी में एक वर्ग विशेष के लिए मैदान में दिखाई दी है। सत्ता पक्ष और विपक्षी दल शांत रहने से प्रशासन भी किसानों के इस दुखड़ा से प्रशासन ने अपना मुखड़ा मोड़ लिया हैं।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारी खाद वितरण केंद्रों की जांच करने तक नहीं पहुंचे। अच्छी अधिक मानसूनी बारिश से खुश इस बार किसानों ने अधिक रकवे में धान की फसल की है। समय पर धान की पौध रोपण करने के बाद किसान डीएपी और यूरिया खाद की व्यवस्था में जुट गया। शुरू में स्थानीय गोदाम से किसानों ने खाद लिया। जहां खाद वितरण में अव्यवस्था होने पर स्थानीय प्रशासन ने गांवों की विभिन्न सोसायटियों पर खाद वितरण की व्यवस्था की। जिसे देखते हुए इन सोसायटियों पर खाद लेने पहुंच रहे किसानों को आसानी से खाद नहीं मिल पा रहा है। आए दिन खाद के लिए किसानों का हंगामा देखा जा रहा है। समिति प्रबधकों की मनमानी से परेशान किसान खाद के लिए सडक़ों पर उतर आए। 
जिसका उदाहरण पिछले दिनों नगर में देखने को मिला, जहां भितरवार सोसायटी के बाहर सडक़ पर किसानों ने खाद न मिलने पर जाम लगा दिया था। 
खाद के लिए संघर्षरत कुछ किसानों ने इस समस्या को लेकर सत्ताधारी दल के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। लेकिन उन्होंने इस और कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसी स्थिति में किसानों की आस मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से बनी हुई है। लेकिन दो साल से मरणासन्न हालत में कांग्रेस भी परेशान किसानों के साथ नहीं आई। हालाकि विधानसभा चुनाव में मिली हार के सदमे से बाहर निकली कांग्रेस पार्टी आंतरी में एक कब्रस्तान के मुद्दे को लेकर जरूर दिखाई दी। कांग्रेस के नेता और नगर परिषद उपाध्यक्ष मन्नू यादव को छोडक़र कांग्रेस संगठन का कोई भी पधाधिकारी जनता की समस्याओं को लेकर आगे नहीं आया।
पड़ोसी विधान सभा के पूर्व विधायक की सक्रियता बरकरार
भितरवार विधानसभा के समीप की करैरा विधानसभा में कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रागीलाल जाटव की सक्रियता बरकरार है। बताते हैं कि चुनाव में मिली हार के बाद भी वे घर नहीं बैठे। वे लगातार क्षेत्र के किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। अभी हाल ही में उन्होंने फसल में हुए नुकसान को लेकर किसानों के साथ एक आंदोलन किया था। वहीं इसी प्रकार डबरा में भी कांग्रेस की सक्रियता किसी से छुपी नहीं हैं। डबरा कांग्रेस का संगठन लोगों की समस्याओं को लेकर सडक़ों पर दिखाई दिया है।