श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गोपाल मंदिर में राधा-कृष्ण ने पहने बेशकीमती आभूषण

Aug 16 2025

ग्वालियर।  भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शनिवार को शहरभर में धूमधाम से मनाया गया। शहर के सनातन धर्म, गोपाल मंदिर, गिर्राज जी, राम मंदिर, द्वारिकाधीश, धर्मपुरी मंदिर, मदन मोहन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में जयकारों के साथ भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थी। भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े इसके चलते पुलिस के जवान व्यवस्था बनाने में सुबह से जुटे हुए रहे।
जन्माष्टमी पर ग्वालियर के गोपाल मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण ने 100 करोड़ से ज्यादा के गहने पहने। शनिवार सुबह नगर निगम सभापति मनोज तोमर, निगमायुक्त संघप्रिय और डीआईंजी अमित सांघी सहित 13 लोगों की टीम ने सुबह 10 बजे कड़ी सुरक्षा के साथ बैंक पहुंचकर सोने-चांदी, पुखराज, माणिक, पन्नाजडि़त आभूषणों को निकालकर लाए और भगवान का श्रृंगार किया गया। इसके बाद शहर के लोगों को दर्शन के लिए मंदिर खोल दिया गया। महिला-पुरुष दर्शनार्थियों के लिए मंदिर में अलग-अलग लाइन रहीं।
जन्माष्टमी पर राधाकृष्ण बेशकीमती रत्न जैसे-हीरा, पन्ना, माणिक व पदम जडि़त आभूषणों से सुसज्जित किया गया। यह आभूषण एंटिक हैं और इनकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। जन्माष्टमी पर गोपाल मंदिर की सुरक्षा में 200 से ज्यादा जवान व अफसर तैनात किए गए थे।
निगमायुक्त संघ प्रिय, कलेक्टर श्रीमती रूचिका सिंह चौहान, एसएसपी  धर्मवीर सिंह ने गत रात को मंदिर पहुंचकर यहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर नगर निगम द्वारा गोपाल मंदिर पर विशेष साज-सज्जा व आर्कषक विद्युत व्यवस्था की गई है। 100 करोड़ रुपए से अधिक कीमत के बेशकीमती गहनों को रात्रि में ही टीम के सदस्य मूर्तियों से उतारकर बैंक में जमा कराएंगे।  
साल 2007 से लगातार हो रहा है श्रृंगार
देश की आजादी से पहले तक भगवान इन जेवरातों से श्रंगारित रहते थे, लेकिन देश आजाद होने के बाद से जेवरात बैंक के लॉकर में कैद पड़े थे। जो 2007 में नगर निगम की देखरेख में आए और तब से लेकर हर जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को ये बेशकीमती जेवरात पहनाए जाते हैं, जन्माष्टमी के दिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन जेवरातों को बैंक के लॉकर ले निकालकर राधा और कृष्णगोपाल का श्रंगार किया जाता है।